भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव रविवार को शहीद कैप्टन पवन कुमार के घर श्रद्धांजलि देने पहुंची। इसके बाद वे लोक निर्माण विश्राम गृह में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में भी शामिल हुई।
बैठक के दौरान भाजपा के तीनों सभी बड़े जाट नेताओं के खिलाफ व सांसद राजकुमार सैनी के समर्थन में नारेबाजी हुई। इसके बाद कुछ नेता तो मौके से खिसक गए। यहां तक पार्टी जिलाध्यक्ष डॉ. ओपी पहल भी इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
रेस्ट हाउस में करीब एक घंटे तक चली मीटिंग में लोगों ने कहा कि पार्टी के जाट नेताओं ने माहौल खराब कर दंगे करवाएं हैं। यहां मौजूद सभी गैर जाट नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस की मौजूदगी में सरकारी वस्त्रत्त् निजी संपत्ति को जला दिया गया।
बैठक जिला महामंत्री अमरपाल राणा, रिछपाल शर्मा, अमन शर्मा, रामफल शर्मा, करतार सैनी, लीलाधर मित्तल, संतलाल चुघ, डॉ. राज सैनी, सूर्य प्रकाश, देवीदास व जवाहर सैनी भी मौजूद रहे।
गैर जाट लोगों का रोकने का आरोप
मीटिंग के दौरा कुछ भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए। इन लोगों ने कहा कि जींद में जब जाट समुदाय के लोग तोड़फोड़ कर रहे थे, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं सैनी समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे, तो उन पर बल प्रयोग किया गया। ऐसे अधिकारियों की भूमिका पर नेता काफी नाराज दिखाई दिए।
जिला प्रधान ने बनाई दूरी
विश्राम गृह में भाजपा की मंथन बैठक में जिला प्रधान डॉ. ओमप्रकाश पहल शामिल नहीं हुए। पहले के अनुसार यह मीटिंग लोगों के मन की बात लेने के लिए थी। लोग खुले माहौल में बात कर सकें, इसके लिए वे बैठक में शामिल नहीं हुए।
आंदोलनकारी नहीं दंगाई थे
भाजपा की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव ने कहा है कि पिछले दिनों आंदोलन के नाम पर जो कुछ हुआ है, वह आंदोलन नहीं दंगा था। उन्होंने कहा कि हुए आंदोलन व दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए पार्टी के अंदर व बाहर मंथन चल रहा है। जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी। प्रदेश के सद्भावना माहौल को बिगाड़ने के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ सरकार सरकार व पार्टी द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार का नहीं प्रशासन का फेलीयर था। उन्होंने कहा कि पार्टी कोर ग्रुप की बैठक में भी इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की अब पहली प्राथमिकता जिन व्यक्तियों को नुकसान हुआ है उनकी सहायता कर उनके काम-धंधे दोबारा से शुरू करवाने की है।