प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी देतीं महिलाएं।
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जींद। नौकरी बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को जेल भरो आंदोलन के तहत 49 महिलाओं सहित कुल 253 शारीरिक शिक्षकों ने गिरफ्तारी दी। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मनोज अहलावत ने धरनास्थल को ही अस्थायी जेल घोषित किया और गिरफ्तारी के बाद सभी रिहा कर दिया। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और अन्य शिक्षक संगठनों के सदस्यों ने भी गिरफ्तारी दी।
आंदोलन के तहत शुक्रवार सुबह से ही शारीरिक शिक्षकों ने धरना शुरू कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फिर तय कार्यक्रम के अनुसार पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से ले जाकर नए बस स्टैंड के पास छोड़ दिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों की बहाली और नई भर्ती के लिए 23 अगस्त को रखे गए टेस्ट को रद्द करने की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन में अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी सैकड़ों की तादाद में गिरफ्तारी देकर एकजुटता का प्रमाण दिया है। पीटीआई की सेवाएं बहाल करने के विकल्पों पर गौर नहीं किया गया तो 18 अगस्त को सभी कस्बों और शहरों में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब सरकार इन बर्खास्त 1983 पीटीआई की सेवा बहाली के सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की बजाय अपने कृत्यों पर पर्दा डालने में जुटी हुई है। सरकार के निर्देश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 29 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट में पीटीआई का कोई भी पद रिक्त नहीं होने का हलफनामा दाखिल किया था। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार एक जनवरी 2020 को 1612 पद रिक्त थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई इस गलत जानकारी के कारण और केस को मजबूती से पैरवी नहीं करने के कारण ही आज 1983 पीटीआई सड़कों पर धक्के खा रहे हैं। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान साधुराम, भूप सिंह वर्मा, संजीव सिंगला, कलीराम, संजीव ढांडा, धर्मबीर भंभेवा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनिल मलिक, दिलबाग जाखड़, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के ऑडिटर राजबीर बैरवाल, जिला प्रधान रामफल दलाल मौजूद रहे।