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Jind News: फिटनेस जांच में रुचि नहीं दिखा रहे निजी स्कूल संचालक

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एकलव्य स्टेडियम में फिटनेस जांच के लिए आई बसें।
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जींद। निजी स्कूल बसों की फिटनेस जांच के लिए परिवहन विभाग ने पांच दिन का समय दिया था, लेकिन निजी स्कूल संचालक अपनी बसों की फिटनेस जांच करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पांच दिन में 43 स्कूल बस ही फिटनेस जांच के लिए आई, जिनमें से 25 को जांच के बाद फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए और 18 बसों को अनफिट किया गया। जिले में लगभग 100 स्कूली बस हैं, जो अनफिट हैं, लेकिन निजी स्कूल संचालक बसों को जांच के लिए लेकर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। अब एक बार और परिवहन विभाग की ओर से बसों की जांच के लिए शेड्यूल जारी किया जा सकता है। उसके बाद इन बसों पर कार्रवाई हो सकती है।
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कनीना में हुए स्कूल बस हादसे के बाद निजी बसों की फिटनेस जांच का कार्य परिवहन विभाग ने शुरू किया था। इस दौरान डीटीओ व यातायात पुलिस ने जिले में तीन दिन में 105 बसों की जांच की थी। इनमें से 25 बसों को जब्त किया था तथा 46 बसों के चालान किए थे। इसके बाद स्कूल संचालकों ने डीसी मोहम्मद इमरान रजा से मुलाकात की थी। निजी स्कूल संचालकों को अपनी बसों की फिटनेस जांच के लिए पांच दिन का समय दिया था। इसके लिए 17, 20, 21, 27 व 28 अप्रैल का दिन निर्धारित किया था। इन पांच दिनों में अब तक 43 बसें ही फिटनेस जांच के लिए आई थी। इनमें से 25 बसों को जांच के बाद फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी कर दिए थे, जबकि 18 बसों को अनफिट घोषित किया था। जिले में लगभग 100 से ज्यादा निजी स्कूलों के पास बस हैं, जिनकी फिटनेस की जांच होनी है, लेकिन निजी स्कूल संचालक फिटनेस जांच में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

निजी स्कूलों का आरोप, नहीं पहुंच रहे जांच के लिए अधिकारी
रविवार को भी स्कूल बसों की फिटनेस जांच होनी थी, इसके लिए बाकायदा पहले ही तारीख निर्धारित कर दी गई थी। यहां पहुंची एक स्कूल के चालक ने कहा कि वह सुबह सात बजे एकलव्य स्टेडियम में अपनी बस को लेकर जांच के लिए पहुंच गया था, लेकिन परिवहन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जांच करने नहीं पहुंचा। वहीं डीटीओ कार्यालय के अधिकारियों का कहना था कि रविवार को कोई बस जांच के लिए नहीं आई थी। वह सुबह दस बजे एकलव्य स्टेडियम में गए थे, वहां उन्हें जांच के लिए कोई बस नहीं मिली।
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जिन निजी स्कूल बसों की फिटनेस प्रमाण-पत्र की तारीख खत्म हो चुकी थी, उनकी जांच के लिए पांच दिन का शेड्यूल जारी किया गया था। यह समय अब बीत चुका है। इस दौरान 43 स्कूल बस आई थी, जिनमें से 25 को जांच के बाद फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए, लेकिन 18 बस नियमों पर खरी नहीं उतरी। जिले में 100 से ज्यादा स्कूल बसों की फिटनेस सही नहीं है। नियमों पर खरी नहीं मिलने वाली स्कूल बसों के चालान किए जाएंगे।
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-संजीव कौशिक, मोटर व्हीकल अधिकारी।
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