प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों की सहायता के लिए निजी अस्पतालों में इलाज करवाने की व्यवस्था की है। निजी अस्पताल में मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक फीस नहीं वसूलें, इसके लिए प्रशासन द्वारा रेट भी निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद कुछ निजी अस्पताल मनमानी करते हुए मरीजों से अधिक फीस वसूल रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए टीमें बनाई हैं, जिसका नोडल अधिकारी रोडवेज के जीएम बिजेंद्र सिंह हुड्डा को बनाया गया है।
हुड्डा के नेतृत्व में टीम लगातार निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच करती है। किसी मरीज से इलाज के नाम पर अधिक फीस वसूलने के मामलों की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले रोहतक रोड स्थित बालाजी अस्पताल द्वारा मरीज से अधिक फीस लेने का मामला सामने आया था। शिकायत के आधार पर स्थानीय स्तर पर कमेटी ने जांच कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट चंडीगढ़ निदेशालय भेजी हुई है। ऐसा ही मरीज से अधिक फीस वसूलने के दो मामले रविवार को भी सामने आए।
रोडवेज जीएम बिजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि दो निजी अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों के नाम पर मरीजों से अधिक फीस वसूल रहे हैं। शिकायत के आधार पर जीएम बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और जांच कर अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को उनके रुपये वापस दिलवाए। जीएम ने बताया कि सफीदों स्थित एकता शक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट से एक मरीज को दस हजार रुपये वापस करवाए। वहीं जींद स्थित हार्ट अस्पताल में मरीज को एक लाख एक हजार रुपये वापस दिलवाए। जीएम ने बताया कि जींद स्थित हार्ट अस्पताल में जो मरीज दाखिल था, वह बीपीएल था। मरीज या उसके सहायक को एक सप्ताह के अंदर अस्पताल प्रशासन को उसके बीपीएल होने की सूचना देनी होती है, जिस पर मरीज को इलाज में 35 हजार रुपये की छूट मिलती है। जो मरीज जींद हार्ट अस्पताल में दाखिल था, उसने अस्पताल प्रशासन को दस दिन में इसकी सूचना था। टीम ने उस मरीज को 35 हजार रुपये समेत अस्पताल प्रशासन से एक लाख एक हजार रुपये वापस दिलवाए।
15 दिन पहले ब्लैक में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते युवक को टीम ने पकड़ा
जीएम बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने 15 दिन पहले रोहतक ऑक्सीजन अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट लोहचब निवासी रामकेश को 42 हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा था। टीम ने ग्राहक के रूप में कर्मचारी सुनील को तैयार किया था। रामकेश सुनील को जब इंजेक्शन देकर वापस लौटने लगा तो जीएम बिजेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ उसे जींद स्थित नए बस स्टैंड पर काबू किया था।