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आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 18 लाख रुपये का क्लेम कर चुके हैं निजी अस्पताल

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आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 300 मरीजों ने अब तक निजी अस्पतालों में इलाज करवाया है। इसकी एवज में निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग से लगभग 18 लाख रुपये की राशि का क्लेम किया है। जींद में पांच निजी अस्पताल इस योजना के तहत पैनल में शामिल हैं। अधिकतर मरीजों ने अपना इलाज दो ही अस्पतालों में करवाया है। जींद में किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं होने के कारण मरीजों को रोहतक, दिल्ली या हिसार जाना पड़ता है।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत जींद शहर के मंगला अस्पताल, गोयल ऑर्थोपेडिक, बालाजी अस्पताल, बाल धर्मार्थ अस्पताल तथा मीनाक्षी जैन अस्पताल फिलहाल पैनल में हैं। जींद का सरस्वती आई केयर सेंटर व आस्था अस्पताल भी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक पैनल में शामिल हो जाएंगे। जींद में कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज, किडनी फेल होने से संबंधित बीमारियों का कोई अस्पताल जींद में नहीं है। इसलिए इन गंभीर बीमारियों के मरीज जींद से बाहर जा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज जिस जिले में इलाज करवाता है, उसका इलाज उसी जिले में काउंट होता है। मंगला अस्पताल में मुख्य रूप से सर्जरी का काम किया जाता है। इसमें पथरी से संबंधित सर्जरी, रसोली से संबंधित मरीजों की सर्जरी की जाती है। इसी प्रकार गोयल ऑर्थोपेडिक अस्पताल हड्डी रोग से संबंधित है। इसमें हड्डियों से संबंधित रोगों के ऑपरेशन व इलाज किए जाते हैं। 18 लाख रुपये में से लगभग 10 लाख रुपये गोयल आर्थोपेडिक व मंगला अस्पताल ने ही क्लेम किए हैं। अन्य अस्पतालों में नाममात्र मरीज ही जा रहे हैं।
अधिकतर इलाज नागरिक अस्पताल में
इस योजना का लाभ उठाने वाले मरीज भी अधिकतर नागरिक अस्पताल में ही अपना इलाज करवा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन होने के कारण लोग नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों पर ही भरोसा कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में भी कैंसर, हृदय रोग से संबंधित बीमारियों का इलाज नहीं हो रहा, इसलिए सर्जरी व हड्डियों से संबंधित अधिकतर मरीज नागरिक अस्पताल में ही आते हैं।
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आयुष्मान भारत पखवाड़े का हुआ शुभारंभ
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चालिया के नेतृत्व में रविवार को नागरिक अस्पताल से एक जागरूकता रैली शुरू की गई। यह रैली शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंची और लोगों को इसके लिए जागरूक किया। डॉ. अजय चालिया ने कहा कि 15 सितंबर से शुरू हुआ यह पखवाड़ा 30 सितंबर तक चलेगा। इसके तहत शहर के प्रत्येक वार्ड में जाकर लोगों को इस योजना के तहत जागरूक किया जाएगा। इस पखवाड़े में एक युवक के पास लैपटॉप होगा, जो मौके पर ही लोगों को यह बताएगा कि उनका इस योजना में नाम शामिल है या नहीं। यदि नाम शामिल है तो उन्हें नागरिक अस्पताल में भेजकर उनका हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। इस जागरूकता पखवाड़े के तहत स्कूलों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी।
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