फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: बजट में कीटनाशक, खाद और बीज के दाम कम होने की आस

Mon, 12 Feb 2024 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।
विज्ञापन
जींद। प्रदेश सरकार 23 फरवरी को बजट जारी करेगी। इस बार किसानों को बजट राहत भरा होने की आस है। किसानों को कीटनाशक, खाद और बीज के दाम कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा गेहूं की कीमत 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ने, गन्ने के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि, खाद व बीज समय पर उपलब्ध करवाने, प्रदेश में किसानों के उपकरणों व खेती से जूड़ी हर वस्तु पर कर कम करने, किसानों को अनुदान पर बेहतर बीज उपलब्ध करवाने की उम्मीद है।
विज्ञापन

किसानों के अनुसार कृषि के लिए 12 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाए ताकि उनको खेती करना आसान हो। पानी के अभाव में फसलों को सूखने से बचाया जा सके। बिजली कनेक्शन आसानी से उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए वर्षों तक इंतजार न करवाया जाए। फसल खराब होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए, ताकि वह परिवार का पालन-पोषण कर सकें।

खेती से जुड़ी हर वस्तु कर मुक्त हो

खेती से जुड़ी हर वस्तु से कर को खत्म किया जाए, ताकि किसान खेती से जुड़े हर उपकरण को आसानी से खरीद सकें और सस्ती खेती कर सकें। किसान को हर फसल का बीज उस फसल के भाव से कई गुना महंगा दिया जा रहा है। इससे किसान उत्तम बीज से फसल उगाने से दूर होता जा रहा है। सरकार को चाहिए कि किसानों को अनुदान पर बेहतर क्वालिटी का बीज उपलब्ध करवाया जाए। -फूल सिंह श्योकंद।
विज्ञापन


आवेदन के एक माह में दिलवाया जाए बिजली कनेक्शन

किसान खेती करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने के लिए वर्षों तक निगम कार्यालय के चक्कर काटते हैं, लेकिन वह नहीं मिलता है। सरकार को बजट में प्रावधान करना चाहिए कि किसान को आवेदन के एक माह के अंदर बिजली कनेक्शन दिया जाए। इसके लिए इस बजट में सरकार को नीति बनाने की जरूरत है। -टेकराम कंडेला।

फसल खराब होने पर 50 हजार रुपये मिले मुआवजा

बजट में फसल खराब होने पर किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया जाए। किसान से ही देश-प्रदेश की सरकार चलती है। अगर सरकार ने किसान की अनदेखी की तो इसका प्रभाव भी सरकार पर ही पड़ेगा। कई बार ज्यादा बारिश, आगजनी व बीमारियों के कारण फसलें खराब होने पर किसानों को नाममात्र का मुआवजा दिया जाता है। इसको बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाए। -रामराजी ढुल।

किसान आंदोलन के समय की मांगों को किया जाए पूरा

प्रदेश में गन्ने के भाव को लेकर किसान आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने दस रुपये बढ़ाकर किसानों को गुमराह किया है। सरकार को चाहिए कि इस बजट में गन्ने के भाव को 450 रुपये क्विंटल कर बजट में तोहफा दिया जाए। इसके अलावा किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि समय पर खाद, बीज व कीटनाशक मिल सके। इनके लिए किसानों को हर वर्ष लाइनों में लगना पड़ता है। किसान को जरूरत के समय खाद व बीज भी उपलब्ध नहीं होते।-गुरविंद्र सिंह संधू।

सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में मिले नहरी पानी

जिले के अधिकतर क्षेत्र में भूमिगत पानी अच्छा नहीं होने के कारण किसानों की सफल सूखे के प्रभाव में आकर खत्म हो रही है। किसानों को बजट से उम्मीद है कि बजट में नहरी पानी बढ़ाया जाए, ताकि किसान की फसल को सूखे से बजाया जा सके। इसके अलावा फसलों के भाव में वृद्धि की जाए। कीटनाशक व खाद-बीज से कर को हटाया जाए। इससे किसान की आमदनी बढ़ सके। -सुदेश कंडेला, किसान नेता।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

11जेएनडी01: फू लसिंह श्योकंद।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें