मिजोरम में बीआरओ 1604 पैनियर कंपनी 74 आरसीसी में तैनात छात्तर गांव के प्रेमचंद का बीमारी के चलते निधन के बाद रविवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। हरियाणा पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी। नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र, थाना प्रभारी रविंद्र सिंह के अलावा गांव के गणमान्य लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। प्रेमचंद के पिता रामकलां भी फौज में सूबेदार थे तो उसका छोटा भाई मुखभान भी फौज में है।
पिता रामकलां ने कहा कि प्रेमचंद रिजर्व फोर्स में सड़क व रास्ते बनाने का काम करने वाली बटालियन में तैनात था। बीमारी की वजह से उसकी मौत हो गई। वह अपने पीछे एक बेटा, दो बेटी एवं पत्नी को छोड़ गया। छात्तर गांव के युवा बाइकों के काफिले के साथ खटकड़ टोल के पास से प्रेमचंद्र के पार्थिव शरीर को छात्तर गांव लेकर आए। इस मौके पर साब छात्तर, मेवा सिंह, कुलदीप लालर, टेकराम, रामदिया फौजी, पुरूषोत्तम शर्मा, बलकार सिंह, मास्टर भलेराम व कर्मपाल फौजी मौजूद रहे।