जींद। अर्बन इस्टेट निवासी और इनर व्हील क्लब की पूर्व प्रधान प्रेम दलाल ने घर को हरियाली का ऐसा रूप दिया है जो न केवल सौंदर्य का केंद्र बना है बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने घर में 200 से अधिक औषधीय और फूलदार पौधे लगाए हैं।
पिछले 35 वर्षों से वह इन पौधों की देखभाल कर रही हैं। पढ़ाई के दौरान ही उनको प्रकृति से प्रेम था। प्रेम दलाल एक्साइज विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने ड्यूटी के समय भी अपने कार्यालय को पौधों से सजाया था। अब उनकी इस पहल से प्रेरित होकर दस से अधिक महिला मित्रों ने भी अपने घरों में बगिया विकसित की है।
प्रेम दलाल बताती हैं कि उनकी बगिया में तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, आंवला, नीम, पुदीना, लेमनग्रास, अदरक, हल्दी, ब्राह्मी, अजवायन, कढ़ी पत्ता, शतावरी, सर्पगंधा, इंसुलिन प्लांट, गुड़हल, चमेली, गेंदा और रातरानी जैसे पौधे शामिल हैं। तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है जबकि एलोवेरा त्वचा और पाचन के लिए लाभकारी है। गिलोय बुखार और इम्युनिटी के लिए उपयोगी मानी जाती है।
अश्वगंधा तनाव कम करने में सहायक है तो आंवला विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। नीम प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है और पुदीना पाचन सुधारता है। लेमनग्रास चाय में उपयोग होकर सर्दी-जुकाम में राहत देता है। अदरक व हल्दी सूजन और संक्रमण में कारगर हैं। ब्राह्मी स्मरण शक्ति बढ़ाने में मददगार है। अजवायन व कढ़ी पत्ता पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं।
शतावरी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है जबकि सर्पगंधा रक्तचाप नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है। इंसुलिन प्लांट मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक बताया जाता है। गुड़हल बालों और हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। चमेली व रातरानी की खुशबू मानसिक शांति देती है और गेंदा त्वचा और कीट नियंत्रण में सहायक है।
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प्रकृति से जुड़ाव मन को सुकून देता है
प्रेम दलाल का मानना है कि प्रकृति से जुड़ाव मन को सुकून देता है और जीवनशैली को संतुलित बनाता है। थोड़ी सी जगह और नियमित देखभाल से हर घर में हरियाली लाई जा सकती है। उनका प्रयास यह संदेश देता है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे भी लगाए तो न केवल पर्यावरण सुरक्षित होगा बल्कि परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। प्रेम दलाल की बगिया आज प्रकृति प्रेम और आत्मनिर्भर स्वास्थ्य की जीवंत मिसाल बन चुकी है।