संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। वैश्य समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम हो रहा है, इसके बढ़ाने की जरूरत है। पहले हमारे समाज के 18 से अधिक विधायक होते थे, लेकिन आज इनकी संख्या सात तक आ गई है। इसलिए समाज को एकजुट होने की जरूरत है। ये बातें पूर्व सांसद सुभाष चंद्रा ने एकलव्य स्टेडियम में रविवार शाम आयोजित वैश्य समाज की संकल्प रैली में कहीं।
उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को समझना होगा कि उनको राजनीतिक ताकत की कितनी जरूरत है। इसलिए एक लोकसभा सीट, 25 विधानसभा सीटें तथा तीन राज्यसभा सीटें वैश्य समाज की होनी चाहिए। जो भी पार्टी इस फैसले को स्वीकार करेगी, समाज उसका समर्थन करेगा। पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग ने कहा कि हमें एक होने का संकल्प लेने की जरूरत है। संकल्प इस बात का लेने की जरूरत है कि हमारा राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाए। सांसद नरेश बंसल ने कहा कि वैश्य समाज देश को सबसे ज्यादा टैक्स देता है, हमारी उपेक्षा किसी भी सरकार को महंगी पड़ सकती है। जिस भी पार्टी की हमारे समाज के लोगों को टिकट मिले, हमें उसकी मदद करनी चाहिए। इस मौके पर करनाल की मेयर रेनू बाला, राजीव जैन, दिल्ली के विधायक महेंद्र गोयल, अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के चेयरमैन प्रदीप मित्तल, पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री कविता जैन, महावीर कंप्यूटर, डॉ. रजनीश जैन, डॉ. राजकुमार गोयल भी मौजूद रहे।