विकास की बाट जोह रहे जींद को नई सरकार से बंधी उम्मीद अभी तक उम्मीद ही है। जिले में पिछली सरकार के समय शुरू हुए प्रोजेक्ट को नई सरकार में भी संजीवनी का इंतजार है। जिले के मेगा प्रोजेक्ट बाईपास, मिनी बाईपास, जींद का नया बस स्टैंड, रोहतक से नरवाना फोर लेन जैसी परियोजनाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
फोर लेन और बाईपास
जींद जिले के लिए रोहतक से पंजाब बार्डर तक दिल्ली पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन करने की परियोजना सबसे महत्वपूर्ण है। इस परियोजना हुड्डा सरकार ने 2012 में घोषणा की थी। तीन साल बाद भी परियोजना अधर में लटकी है। 483.75 करोड़ रुपये की इस परियोजना का करीब 25 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। इसके चलते ही जींद के बाईपास का काम भी अटका पड़ा है। दरअसल करीब 12 किलोमीटर लंबे बाईपास को फोर लेन काम के साथ ही जोड़ दिया है। इसका काम करने वाली कंपनी ने काम छोड़ दिया है और दोबारा से इसके लि टेंडर भी नहीं हुए हैं।
मिनी बाईपास बनकर भी अधूरा
शहर के यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक मात्र विकल्प मिनी बाईपास बनकर भी अधूरा है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से दो किलोमीटर से अधिक की सड़क बन चुकी है, लेकिन फिर भी इसका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। कारण है पानीपत रेलवे लाइन का रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) नहीं बनना। मिनी बाईपास तैयार होकर भी प्रयोग नहीं हो पा रहा है। रेलवे द्वारा आरयूबी का सर्वे किया जा चुका है, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ है।
बस स्टैंड की धीमी गति
पिंडारा गांव के पास नए बाईपास पर करीब 20 एकड़ में नए बस स्टैंड की घोषणा की गई थी। फिलहाल इस परियोजना पर बहुत धीमी गति से काम चल रहा है। इस जमीन पर सेक्शन चार और छह हो चुका है, लेकिन मुआवजे की राशि की फाइल चंडीगढ़ पड़ी है।
200 बेड का अस्पताल
सामान्य अस्पताल को 200 बेड का करने के लिए 100 बेड के अतिरिक्त भवन का निर्माण चल रहा है। इसकी घोषणा भी 2012 में हुई थी और यह परियोजना करीब एक साल की देरी से चल रही है। हालांकि निर्माण का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है।
अधर में है शहर का सौंदर्यीकरण
सिटी सिंबल बने शहर के रानी तालाब के सौंदर्यीकरण की परियोजना भी अधूरी पड़ी है। इसके लिए करीब छह करोड़ रुपये की घोषणा हुई थी, लेकिन परिक्रमा पूरी नहीं होने के कारण इसमें पानी नहीं भरा जा रहा है। इससे रानी तालाब विरान है।
खेल परिसर व जिमखाना क्लब पूरे
हुडा सेक्टर नौ में आठ एकड़ में बने खेल परिसर का निर्माण कार्य करीब पूरा हो चुका है। वहीं सेक्टर नौ में ही हुडा के जिमखना क्लब का निर्माण भी पूरा हो चुका है। हांसी रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज का उद्घाटन हो चुका है। इस पर करीब 72 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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मुख्यमंत्री ने दिया है आश्वासन
मुख्यमंत्री के जींद दौरे के दौरान मेरी मुलाकात उनसे हुई है। उन्होंने सभी अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। बाईपास से लेकर मिनी बाईपास और फोर लेन सभी परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।
डॉ. हरिचंद मिढ़ा, विधायक जींद।
लोगों में निराशा
सरकार की कार्यप्रणाली से लोगों में निराशा है। जींद के लोग सरकार से खुश नहीं हैं। पिछली सरकार की क्या इस सरकार ने अपनी ही घोषणाओं पर काम शुरू नहीं किया है। इससे जींद और अधिक पिछड़ता जा रहा है।
कलीराम पटवारी, जिलाध्यक्ष इनेलो
धरातल पर कुछ नहीं
अभी तक सरकार कांग्रेस सरकार के समय हुए कार्यों का ही उद्घाटन कर रही है। अपना कोई भी काम गिनवाने के लिए नहीं है। मिनी बाईपास कांग्रेस के समय में बना, स्टेडियम, अस्पताल का भवन व अन्य कार्य पुराने ही हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से लोगों को काफी उम्मीदें होती हैं, लेकिन कुछ नहीं मिलता।
प्रमोद सहवाग, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
विकास सरकार की प्राथमिकता
सरकार की प्राथमिकता विकास है। इसके लिए काम किया जा रहा है। शहर की सड़कों की हालत सुधर गई है। स्ट्रीट लाइट ठीक हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी घोषणाओं को सिरे चढ़ाना है। इसका परिणाम जल्द ही दिखेगा।
डॉ. ओपी पहल, जिलाध्यक्ष भाजपा