फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्यकर्ताओं की फीडबैक में एक साल में फेल हुई सरकार

Tue, 24 Nov 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार के एक साल के कार्यकाल की फीडबैक लेने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी अनिल जैन, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला व सांसद रमेश कौशिक को कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। फीडबैक में सरकार एक साल के कार्यकाल पर कार्यकर्ता असंतुष्ट नजर आए।
विज्ञापन


कार्यकर्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठायाकि भाजपा के शासनकाल में उनकी अनदेखी हो रही है। जब वह सरकारी अधिकारियों के सामने जनता की समस्याओं को लेकर जाते है तो कोई सुनवाई नहीं होती है। इससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। पार्टी द्वारा सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का कोई माध्यम नहीं है। इससे वे खुद को अपमानित महसूस करते हैं। इसलिए जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप करके समाधान किया जाए।

इस पर प्रभारी अनिल जैन व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि इसके लिए सरकार हर जिले में गांव स्तर पर कार्यकर्ताओं का पैनल बनाया जाएगा और उनके आईकार्ड बनाए जाएंगे। पैनल में शामिल कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को अधिकारियों से समाधान करवाएंगे।
विज्ञापन


अगर फिर अधिकारी नहीं सुनेंगे तो सरकार उनसे सख्ती से निपटेगी। इस आश्वासन पर भी कार्यकर्ता शांत नहीं हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगामी पांच साल बाद दिल्ली व बिहार जैसे चुनावी परिणाम देखने को मिलेंगे।

इस पर प्रभारी अनिल जैन ने कहा कि बिहार चुनाव से कार्यकर्ता हताश न हो। अगर कार्यकर्ता ही ऐसी बात करने लगे तो संगठन को मजबूती नहीं मिलेगी। अगर विधायक या सीएम का दिमाग खराब हुआ तो हाईकमान व कार्यकर्ता ठीक कर देंगे। अगर कार्यकर्ताओं का दिमाग खराब हो गया तो उनको ठीक करने वाला कोई नहीं है। इसलिए हाईकमान कार्यकर्ताओं की बात को गंभीरता से ले रही है और इसमें हताश होने की जरूरत नहीं है।

अनिल जैन ने इस दौरान नसीहत दी कि कुछ कार्यकर्ता तथा नेता चर्चा में आने के लिए खुले मंच पर सरकार की बखिया उधड़ने लगते है। उन्हें ऐसा न करके पार्टी प्लेटफार्म पर ही बात करें। नेताओं के सामने ही पार्टी के पुराने व नए कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। पार्टी से जुड़े नए लोगों ने कहा कि उनकी अनदेखी हो रही है और पुराने कार्यकर्ता उन्हें हीन दृष्टि से देखते हैं।

बैठक में जब बोलने वाले कार्यकर्त्ताओं की संख्या बढ़ती चली गई तो राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन ने कार्यकर्त्ताओं को रोकते हुए कहा कि चावल पक्के हैं या नहीं यह देखने के लिए पूरी हांडी को पलटने की जरूरत नहीं होती। आधी हांडी उन्होंने पलट ली है। इससे दूसरे कार्यकर्ताओं की समस्या का भी पता चल गया है।

इस अवसर पर भाजपा के संगठन राज्यमंत्री सुरेश भट्ट प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, सांसद रमेश कौशिक, उचाना की विधायक प्रेमलता, रोहतक के विधायक मनीष ग्रोवर, जिला अध्यक्ष डॉ. ओपी पहल, जिला उपाध्यक्ष डॉ. राज सैनी, सुरेंद्र बरवाला, संजीव बुआना, रिछपाल शर्मा, जितेंद्र छातर, पुष्पा तायल, स्वामी राघवानंद, विनोद सिंगला आदि मौजूद रहे।

कार्यकर्त्ताओं की नहीं सुनते अधिकारी
किसान मोर्चा के सदस्य राजकुमार, सुनील, कालवन के गुरनाम नैन सहित अन्य कार्यकर्त्ताओं ने भाजपा नेताओं के सामने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि कोई भी अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनता है। भाजपा के शासनकाल में अधिकारी बेलगाम है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे पदाधिकारी नियुक्त किए जाएं, जिनके सामने कार्यकर्ता अपना दुख प्रकट कर सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकें।

वहीं, भाजपा नेत्री पुष्पा तायल ने कहा कि वह पिछले 11 माह से अपने पति की ट्रांसफर के लिए चक्कर काट रही है, लेकिन आज तक उसका काम नहीं हुआ है। जब उसके ही छोटे-छोटे काम नहीं हो रहे तो वह दूसरी महिलाओं के काम कैसे करवाएगी।

बैठक में बोलने को लेकर हंगामा, प्रदेशाध्यक्ष ने लगाई फटकार
बैठक के शुरू होते ही जब कार्यकर्ताओं को अपनी-अपनी बात रखने के लिए कहा गया। कार्यकर्ता एक-एक करके अपनी बात रखने लगे। इसी दौरान कार्यकर्ताओं में बोलने को लेकर होड़ मच गई। इससे बैठक में शोर-शराबा मच गया तो प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को फटकार लगाते हुए चुप कराया।

कार्यकर्ता ही नहीं रहेंगे तो सीएम व विधायक कहां से बनेंगे
भाजपा के मंडलाध्यक्ष नीरज गोस्वामी ने मुख्यमंत्री द्वारा कुछ दिन पहले 98 प्रतिशत आम जनता तथा दो प्रतिशत कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने के बयान पर कहा कि यदि पार्टी के पास कार्यकर्ता ही नहीं रहेंगे तो विधायक व मुख्यमंत्री कहां से बनेंगे। इसलिए मुख्यमंत्री को उन्हें साथ लेकर चलना चाहिए।

कार्यकर्ताओं की नाराजगी बाहर नहीं जाए, इसलिए मीडिया से बनाई दूरी
बुलबुल पर्यटक केंद्र में भाजपा कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के लिए पहुंचे भाजपा नेताओं द्वारा कार्यक्रम शुरू होते ही मीडिया से दूरी बना ली गई। भाजपा नेताओं ने कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को बाहर भेज दिया ताकि बैठक में खुलकर उजागर होने वाली पार्टी की अंदरूनी कलह व सरकार की खामियां आम जनता तक नहीं पहुंचे सकें।

विधायक कार्यकर्ताओं को नहीं, खुद को कर रहे मजबूत
बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे सफीदों के एक पदाधिकारी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। भाजपा के विधायक पार्टी को मजबूत करने की बजाय खुद को मजबूत करने में लगे हुए हैं।

जातिगत बयानों पर लगाई जाए रोक
भाजपा कार्यकर्ता राजेश शर्मा ने नेताओं को सुझाव दिया कि कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी व कुछ दूसरे नेता आजकल जातिगत बयानबाजी कर रहे हैं। इससे पार्टी की छवि खराब हो रही है। इसलिए पार्टी को ऐसे नेताओं पर लगाम लगानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान शहर के बूथ नंबर 120 पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद से भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए थे जो अभी तक चल रहे हैं। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं के मुकदमे रद्द करवाए जाएं। इस पर भाजपा नेताओं ने उनसे मुकदमों की सूची मांगी।  

बैनर पर बीरेंद्र सिंह का फोटो नहीं लगाने से नाराज हुए समर्थक
बैठक में लगाए गए बैनर पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह तथा उचाना की विधायक प्रेमलता का फोटो नहीं लगा होने उनके समर्थकों ने नाराजगी जताई। पिल्लूखेड़ा से भाजपा नेता विनोद सिंगला ने जींद जिले में होने वाली बैठकों में बीरेंद्र सिंह व प्रेमलता का फोटो लगवाने का सुझाव दिया।

गोद वाले को छोड़कर पेट वाले की नहीं करें आस
बैठक में नए व पुराने कार्यकर्त्ताओं के बीच तालमेल नहीं बैठ पाने के चर्च पर बोलते हुए सेवा सिंह नाम के एक कार्यकर्ता ने कहा कि भाजपा के जो पुराने कार्यकर्ता हैं और वह वफादार नहीं हैं। इसलिए पार्टी को उन्हीं को तवज्जो देनी चाहिए। पार्टी को गोद वाले को छोड़कर पेट वाले की आस नहीं करनी चाहिए।

जींद के कार्यकर्ताओं से लगता था डर
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन ने कहा कि अभी तक वह सात जिलों का दौरा कर चुके हैं, लेकिन जींद में आने से पहले उन्हें डर लगता था कि जींद के कार्यकर्ता उन पर टूट पड़ेंगे। लेकिन यहां के कार्यकर्ताओं ने बड़ी शालीनता से अपनी बात रखी है। बैठक में ज्यादातर कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर थी।

जल्द ही मंत्रियों व पार्टी के बड़े नेताओं से बातचीत कर इस पर रणनीति तैयार कर कार्यकर्ताओं की इस समस्या को दूर किया जाएगा। विकास कार्यों के शुरू नहीं होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ज्यादातर घोषणाओं पर कार्य शुरू हो चुके हैं तथा कुछ घोषणाएं पूरी भी हो चुकी हैं। जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है जल्द ही उन पर काम शुरू करवाए जाएंगे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें