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‘अपनी बात मनवाने के लिए सरकार को विवश करें’

Thu, 05 Nov 2015 12:42 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 किसानों को धान का उचित मूल्य नहीं मिलने का आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को जींद की नई अनाज मंडी में धरना देकर प्रदेश की भाजपा सरकार को जमकर कोसा।

उन्होंने कहा कि जनता अपना काम करवाने के लिए सरकार को विवश कर देना चाहिए, फिर देखना वे किस तरह से सरकार को घुटने के बल चला देंगे। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विदेश दौरा किया। उनके अनुसार वे हरियाणा में उद्योग लगाना चाहते हैं। प्रदेश में बिजली इतनी महंगी है कि कोई उद्योगपति यहां उद्योग कैसे लगा सकता है। प्रदेश सरकार ने दरवाजे बंद कर लोगों के लिए खिड़की खोली है। इसको लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

अधिकतर शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के समय धान की 1121 किस्म 4600 रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी, जो अब 1850 रुपये रह गई है। बासमती धान 6500 रुपये था, जो अब 2100 रुपये में है। शबनम 5600 से टूटकर 1900 रुपये पर आ गया है।

1509 किस्म 3500 रुपये था, जो अब 1250 में बिक रहा है। कपास की फसल 7000 रुपये से 4450 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा नीतिगत तौर पर कभी किसानों की पार्टी हो ही नहीं सकती। इस मौके पर पार्टी के कई विधायक, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, शादी लाल बतरा, कई पूर्व मंत्री और विधायक भी मौजूद रहे।
 
नई दुल्हनों को त्यागपत्र देना चाहिए : डॉ. रामप्रकाश
कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. रामप्रकाश ने इस दौरान कांग्रेस के बागियों पर निशाना साधा। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने कांग्रेस में रहकर पार्टी का विरोध किया और अब मंत्री बन गए हैं, लेकिन लोगों के सवाल पर कहते हैं वे नई दुल्हन की तरह हैं। उन्हें कुछ नहीं पता। उन लोगों को त्यागपत्र दे देना चाहिए।

सब्सिडी समाप्त करने से महंगी हुई बिजली: सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के समय गुजरात से दो रुपये 92 पैसे प्रति यूनिट बिजली का समझौता 25 साल के लिए हुआ है। प्रदेश को दो रुपये 92 पैसे बिजली मिल रही है, लेकिन लोगों से आठ रुपये 47 पैसे प्रति यूनिट वसूला जा रहा है।

यह पैसा कहां जा रहा है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। कांग्रेस की सरकार बिजली पर प्रति वर्ष आठ हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देती थी, जिसमें से वर्तमान सरकार ने छह हजार करोड़ की कटौती कर दी है। इसके चलते ही बिजली महंगी हुई है। उन्होंने आह्वान किया कि सोई हुई कौमों की बात कोई नहीं सुनता। लोगों को आंदोलन करना चाहिए। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान होना पाप हो गया है।

 
सरकार और अपनी ही पार्टी को दिखाई ताकत
 किसानों को फसलों का उचित भाव नहीं मिलने के विरोध में कांग्रेसियों ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में धरना दिया, जो उनके अपनी पार्टी और बाहरी विरोधियों के लिए शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ।

कांग्रेस के अधिकतर विधायक और बड़े नेता उनके मंच पर रहे, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और विधानसभा में कांग्रेस की नेता किरण चौधरी ने तो कार्यक्रम में थे और न ही होर्डिंग पर। यूं तो कांग्रेस के संगठन में गुटबाजी जग जाहिर है, लेकिन बड़े कार्यक्रमों में भी अब यह खुलकर दिखने लगी है।
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 कांग्रेस के विधानसभा में कुल 16 सदस्य हैं, जिनमें 14 विधायक भूपेंद्र हुड्डा के मंच पर रहे। पलवल से विधायक कर्ण सिंह दलाल कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। हुड्डा के शक्ति प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंच संचालन कर रहे प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कई बार मौजूद नेताओं के नाम गिनवाए और कहा कि वे उनके साथ हैं।




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