खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश की 562 रियासतों को एकसूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया है।
देश की एकमात्र रियासत जम्मू कश्मीर को भी सरदार पटेल अखंड भारत में शामिल कर सकते थे, लेकिन इस रियासत के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल ने अपने झांसे में रखकर अलग रख दिया। आज वहीं जम्मू कश्मीर रियासत देश के लिए नासूर बनी हुई है।
अगर उस समय सरदार पटेल नेहरू के झांसे में नहीं आते तो जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर देश को आज यह दिन देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों का पेट भारत पालता है, लेकिन जम्मू कश्मीर के लोगों का दिमाग आज भी पाकिस्तान चलता है। आज भी वहां पर पाकिस्तान के झंडे लहराए जाते हैं और भारत के तिरंगे का आज भी अपमान किया जा रहा है। सरेआम पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं।
लेकिन अगर सरदार पटेल उस समय नेहरू के झांसे में नहीं आते तो जम्मू कश्मीर की रियासत भी आज देश में शामिल होती और यह दिन देखने को नहीं मिलता। कर्णदेव कंबोज शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा डीआरडीए में आयोजित एकता दिवस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे तो उस समय गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल थे। सरदार पटेल ने गृहमंत्री रहते हुए देश की सभी रियासतों को एक कर दिया था। उस समय देश की जूनागढ़, हैदाराबाद और जम्मू कश्मीर रियासत को अखंड भारत में शामिल करने के लिए चुनौती थी।
जब पंडित जवाहरलाल नेहरू विदेश दौरे पर थे तो उस समय सरदार पटेल ने जूनागढ़ और हैदाराबाद जैसी खूंखार रियासत को पीछे से देश में शामिल कराने के लिए हस्ताक्षर करा लिए, लेकिन जब जम्मू कश्मीर की बात आई तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू कश्मीर रियासत को उन पर छोड़ने की बात कही।
इस पर सरदार पटेल पंडित जवाहरलाल नेहरू के झांसे में आ गए और इस रियासत को देश से अलग रख दिया। आज वह समस्या देश के लिए नासूर बनी हुई है। कश्मीर का मुद्दा आज भी देश के लिए नासूर बना हुआ है। कंबोज ने कांग्रेस पर सरदार बल्लभ भाई पटेल की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को याद नहीं किया। उस समय तो कांग्रेस में केवल एक नेहरू परिवार को खुश करने में लगे रहे।