25जेएनडी03-जिला के एक गांव में नशा के खिलाफ जागरूक करते हुए एसआई बलबीर सिंह। स्रोत पुलिस
जींद। जिला पुलिस की टीम गांव-गांव युवाओं को नशा के खिलाफ जागरूक कर रही है। पुलिस की टीम ने अब तक 90 लोगों का नशा छुड़वाया है। अभियान के दौरान टीम लोगों को नशे के दुष्परिणाम से लेकर उपचार तक के बारे में बता रही है। वह नशा पीड़ितों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल ले जाकर उन्हें दवा भी दिलवा रही है। यदि अस्तपाल में दाखिल करने की जरूरत पड़े तो उन्हें दाखिल भी करवाया जा रहा है।
पुलिस की टीम अपनी ड्यूटी के साथ-साथ इंसानियत का पाठ पढ़ा रही है। उनसे प्रेरित होकर अन्य लोग भी संगठन या कमेटी बनाकर लोगों को नशा के खिलाफ जागरूक कर सकते हैंं। इससे मौत के आगोश में जा रहे युवा बच जाएंगे, वहीं नशा से उजड़ रहे परिवार भी बचाए जा सकते हैं।
एसआई बलबीर सिंह के नेतृत्व में सोनिया कर्मचारी के साथ पिछले तीन-चार महीने से नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। अब तक 100 से ज्यादा गांव में जाकर युवाओं को नशा के खिलाफ जागरूक कर चुके हैं। उनका यह लगातार अभियान जारी है। रोजाना एक गांव में जाकर नशा पीड़ितों से बात की जाती है और उन्हें नशा छोड़ने बारे प्रेरित किया जाता है। युवा नशा छोड़ने के प्रति गंभीर हो जाते हैं। उन युवाओं से फिर नशा छोड़ने की शपथ दिलवाई जाती है। पुलिस टीम नशा छोड़ने के इच्छुक युवाओं को नागरिक अस्पताल ले जाकर उनका उपचार शुरू करवाती है। यदि जरूरत पड़े तो उन्हें दाखिल भी करवाया जाता है।
पंजाब सीमा से सटे गांव में ज्यादा नशा से पीड़ित
नरवाना क्षेत्र के जो गांव पंजाब की सीमा से सटे हुए हैं। उन गांव में नशा पीड़ितों की संख्या ज्यादा है। मतलब उन गांव में लोग महंगा और खतरनाक नशा करते हैं। उन गांव में शराब पीना तो आम है। अफीम, चरस, स्मैक, हेरोइन, चिट्टा जैसा खतरनाक नशा किया जाता है वहीं इस तरह की नशीली चीजें इन गांव में मिल भी जाती है। इन गांव में नशे की सप्लाई पंजाब की तरफ से होती है। वहीं गढ़ी थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नशीला पदार्थ पकड़ा जाता है।
पुलिस टीम पिछले काफी समय से नशा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए हुए है। अब तक करीब 90 लोगों का नशा छुड़वाया जा चुका है। गांव-गांव जाकर लोगों को नशा के दुष्परिणाम बताए जाते हैं। नशा छोड़ने वाले इच्छुक युवाओं को नागरिक अस्पताल से दवाई भी दिलवाई जाती है।
-एसआई बलबीर सिंह, इंचार्ज, जागरूकता अभियान पुलिस टीम जींद