20जेएनडी24-जलालपुर कलां में प्रधानमंत्री का पुतला फूंकते हुए मजदूर। स्रोत मजदूर
जींद। मनरेगा कानून को खत्म करने और मजदूर विरोधी विधेयक को रद्द करने की मांग को लेकर शनिवार को मजदूरों ने जलालपुर कलां गांव केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
मजदूर नेता राजेश कुमार और पवन कुमार ने बताया कि 18 दिसंबर को लोकसभा में विधेयक पारित कर दिया। इस विधेयक का विपक्षी पार्टी विरोध कर रही थी, लेकिन बिना किसी की सलाह कर संसदीय समिति के यह बिल पारित कर दिया। इस बिल का मनरेगा मजदूर घोर विरोध करते हैं और इसे वापिस लेने तथा मनरेगा कानून को मजबूत करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि खोखले विकसित भारत के नारे की आड़ में मेहनतकश ग्रामीण मजदूरों के संघर्षों से हासिल काम के कानूनी अधिकार को छीनने की यह घिनौनी साजिश है। मनरेगा ग्रामीण गरीबों को मांग-आधारित 100 दिन का कानूनी रोजगार गारंटी देता है, जिसमें मजदूरी का पूरा बोझ केंद्र सरकार उठाती है।
यह नया बिल मांग-आधारित अधिकार को एक साधारण सरकारी योजना में बदल देगा। पहले से चल रही बजट कटौती, मजदूरी में देरी, जियो-टैगिंग की परेशानी और प्रशासनिक बाधाओं के बाद यह मनरेगा पर सबसे बड़ा तथा निर्णायक हमला है। इस अवसर पर जयपाल, आशा रानी, सुशीला, रोशनी, कांता, शीला, मूर्ति, गीता, रुमन, महेंद्र, पूनम मौजूद रहे।