जींद। प्रदेश सरकार के इस बजट से हर किसी को बेहतर की आस है। इसमें खिलाड़ियों को भी सरकार से खेल को बढ़ावा देने की अपेक्षा है। खिलाड़ियों का कहना है कि बजट में ग्रेडेशन को बढ़ावा मिले, पदक विजेताओं के इनाम राशि को दोगुना किया जाए, खेल स्टेडियम बनाए जाएं। सिंथेटिक ट्रैक बढ़ाए जाएं ताकि खिलाड़ियों की तैयारी बेहतर हो सके।
खिलाड़ियों को उम्मीद है कि नेशनल पदक विजेता खिलाड़ियों के नौकरी के आरक्षण को बढ़ाया जाए। फिलहाल सी ग्रुप में ही इन खिलाड़ियों को नौकरियां दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए बजट में प्रावधान किया जाए की प्रथम श्रेणी की नौकरी दी जाए। खेलों में पदक विजेताओं को प्रदेश सरकार से मिलने वाली सम्मान राशि को दोगुना किया जाए। अभी तक जिले में सिंथेटिक ट्रैक की कमी है। इनको बढ़ाया जाए। इंडोर व आउटडोर स्टेडियम की संख्या बढ़ाई जाए। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिले इसके लिए कोच की संख्या बढ़ाई जाए। स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में हर खेल का एक-एक कोच नियुक्त किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में स्टेडियम बनाकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिलवाया जाए। इससे खेलों में खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आएगा, ताकि खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें।
पदक विजेता खिलाड़ियों की सम्मान राशि बढ़ाई जाए
प्रदेश सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को मिलने वाली सम्मान राशि को दोगुना किया जाए, ताकि खिलाड़ी भविष्य में बेहतर तरीके से खेल की तैयारी कर सकें। इसके लिए इस बजट में कानून बनाकर खेलों को बढ़ावा दिया जाए। इससे खेलों के प्रति खिलाड़ियों की रुचि बढ़े और वह प्रोत्साहित होकर खेलों की तरफ ज्यादा ध्यान दें। -ज्योति
खिलाड़ियों को मिले प्रथम श्रेणी की नौकरी
प्रदेश में जो खिलाड़ी नेशनल स्तर पर पदक लेकर आते हैं उनको खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम श्रेणी की नौकरी दी जाए। अभी तक सी ग्रुप की नौकरियां ही खिलाड़ियों को मिल रही है। खिलाड़ियों की मेहनत को देखते हुए यह नौकरी बेहद छोटी होती है। खिलाड़ी को अपने जीवन में पदक प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका सरकार को ध्यान रखते हुए खिलाड़ियों की नौकरी की ग्रेडेशन को बढ़ावा देना चाहिए। -काजल
बढ़ाई जाए स्टेडियम व सिंथेटिक ट्रैक की संख्या
अभी तक सभी जिलों में सिंथेटिक ट्रैक व खेल स्टेडियमों की कमी है। इनकी संख्या को बढ़ाने की जरूरत है ताकि ज्यादा खिलाड़ी आगे आ सकें। सभी स्टेडियमों में खेलों की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। गांव, कस्बों व शहरों में युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक किया जाए। खिलाड़ियों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए नौकरियों में आरक्षण को बढ़ाया जाए।-अंकित
प्रशिक्षकों की कमी की जाए दूर
स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में सभी खेलों के प्रशिक्षकों की ज्यादा कमियां हैं। इनको दूर किया जाए, ताकि सभी खेलों के कोच हर संस्थान में खिलाड़ियों को मिलें और वह खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित कर देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार कर सके। इसके लिए बजट सत्र में ही सरकार को कोच की नियुक्ति करने के लिए कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है। -सिमरन।
16जेएनडी37: ज्योति।
16जेएनडी37: ज्योति।
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