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मनमानी पर उतरे नागरिक अस्पताल इमरजेंसी वार्ड में काम करने वाले चिकित्सक

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नागरिक अस्पताल के पार्क में चिकित्सक के रवैये के प्रति रोष जताते लोग। - फोटो : Jind
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नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत चिकित्सक आजकल मनमानी कर रहे हैं। एक महीने में दो ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें चिकित्सकों ने एमएलआर काटने से मना कर दिया है। अस्पताल प्रशासन भी इन चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसी कारण यह चिकित्सक मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज रहे हैं। 15 दिन पहले भी एक व्यक्ति को एमएलआर कटवाने के लिए नागरिक अस्पताल से मायूस होकर लौटना पड़ा था।
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प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिमला राठी को दी शिकायत में गांव मालसरी खेड़ा निवासी नजीर हुसैन ने कहा कि उसकी बुआ की बेटी अशरफगढ़ निवासी जन्नत, उसके ससुर अली मोहम्मद व उसकी बेटी को उपचार के लिए आठ अगस्त को नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया गया था। यह तीनों एक झगड़े में घायल हो गए थे। यहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. दीक्षा यादव ने एमएलआर काटने से मना कर दिया। इसके अलावा उनका उपचार भी करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने पीएमओ डॉ. बिमला राठी से बातचीत की तो चिकित्सक ने केवल जन्नत की एमएलआर काटी अन्य से कहा कि उनका एरिया सीएचसी कंडेला में पड़ता है, इसलिए वह वहीं पर एमएलआर कटवाएं। नजीर हुसैन ने कहा कि उनको दो दिन से नागरिक अस्पताल में उपचार नहीं मिला है और वह दिनभर इलाज के लिए भटक रहा है।
पार्क में बैठकर जताया रोष
नजीर हुसैन सोमवार को फिर घायलों को लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे तो डॉ. दीक्षा यादव ने अपना रवैया नहीं बदला और कहा कि पहले वह लोग उनसे लिखित में माफी मांगे, उसके बाद ही वह उपचार करेंगी। घायलों ने नागरिक अस्पताल के पार्क में बैठकर रोष जताया और कहा कि यदि जरूरतमंद लोगों का नागरिक अस्पताल में उपचार ही नहीं करना तो फिर यह किस काम का।
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नजीर हुसैन की शिकायत मिली है। उपचार कोई भी व्यक्ति जिले में कहीं भी करवा सकता है। एमएलआर संबंधित व्यक्ति को अपने निजी स्वास्थ्य केंद्र पर ही कटवानी होती है। एमएलआर काटने वाले चिकित्सक को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं, इसलिए किसी दूसरे क्षेत्र के व्यक्ति की एमएलआर नागरिक अस्पताल का चिकित्सक काटकर कैसे कोर्ट के चक्कर काटेगा। फिलहाल हर स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक उपलब्ध हैं। फिर भी चिकित्सक को बोलकर एमएलआर कटवाई गई है। चिकित्सक के खिलाफ इस शिकायत में कोई कार्रवाई नहीं बनती।
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डॉ. बिमला राठी, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, जींद।
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