04जेएनडी13: शहर के सफीदों रोड पर सेक्टरों के सीवरेज के पानी की निकासी के लिए दबाई जा रही लाइन।
- फोटो : मृतक धर्मेंद्र उर्फ संजू का फाइल फोटो। स्त्रोत: परिजन
जींद। शहर के पॉश सेक्टरों में रहने वाले लोगों के लिए सीवरेज ओवरफ्लो और गंदे पानी की निकासी की वर्षों पुरानी समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। सेक्टर-7, 8, 9 और अर्बन एस्टेट समेत मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के सीवरेज पानी की निकासी के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
इसके तहत सेक्टरों में पंपिंग व्यवस्था विकसित कर सीवरेज के पानी को सफीदों रोड के रास्ते बाईपास के साथ गोहाना रोड फ्लाईओवर के पास से गुजर रही मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। अब तक इन सेक्टरों से निकलने वाले सीवरेज पानी की निकासी के लिए कोई ठोस और स्थायी व्यवस्था नहीं थी।
बारिश या सीवर लाइन पर दबाव बढ़ने के दौरान कई स्थानों पर ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती थी। मेडिकल कॉलेज के सीवरेज पानी की निकासी भी लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी। इसके चलते आसपास के क्षेत्र और हैबतपुर गांव के लोगों को भी गंदे पानी की समस्या का सामना करना पड़ता था।
पंपिंग स्टेशन से मुख्य लाइन तक पहुंचेगा सीवर का पानी
योजना के तहत सेक्टरों में सीवरेज पानी को पंप करने की व्यवस्था की जा रही है। पंप के माध्यम से पानी सफीदों रोड होते हुए बाईपास के साथ आगे जाएगा और गोहाना रोड फ्लाईओवर के नजदीक मुख्य सीवर लाइन में डाला जाएगा। यहां से यह पानी मुख्य लाइन के जरिये रधाना के पास बनाए गए 10 एमएलडी सीवरेज उपचार प्लांट तक पहुंचेगा। एसटीपी में सीवरेज के पानी का उपचार करने के बाद उसे आगे उपयोग के लिए भेजा जाएगा। इससे शहर में सीवरेज पानी की निकासी के साथ उसके उपचार की व्यवस्था भी एक ही प्रणाली से जुड़ जाएगी।
सेक्टरों के 2500 परिवारों को सीधे फायदा
इस परियोजना से सेक्टर-7, 8, 9 और अर्बन एस्टेट क्षेत्र में बने करीब 2500 मकानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के सीवरेज की निकासी भी व्यवस्थित होगी। अधिकारियों के अनुसार सीवरेज की स्थायी निकासी होने से ओवरफ्लो की समस्या कम होगी और आसपास रहने वाले लोगों को गंदे पानी से होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
योजना पर काम शुरू
हुडा के जेई अनुज ने बताया कि योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके पूरा होने के बाद सेक्टर-7, 8, 9 और अर्बन एस्टेट के साथ मेडिकल कॉलेज को भी सीवरेज निकासी की बेहतर सुविधा मिलेगी। परियोजना पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।