जींद। जुलाना उपमंडल के गठन के बाद इसमें जींद के आसपास लगने वाले 11 गांवों को जोडऩे की तैयारी है। इसके विरोध में इन 11 गांवों में से छह गांवों के लोग उतर आए हैं। इसमें सोमवार को ललित खेड़ा, निडाना, किनाना, पड़ाना, भैरोंखेड़ा व ढिगाना के लोगों ने इस उपमंडल में शामिल करने पर विरोध किया है।
इसको लेकर ब्लॉक समिति सदस्य गीता देवी के नेतृत्व में दर्जनभर लोगों ने डीसी से मिल कर जींद उपमंडल में ही रहने की बात कही। जुलाना उपमंडल में शामिल करने के विरोध में डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस पर डीसी ने ग्रामीणों को समझाया की यह फैसला मुख्यमंत्री के स्तर पर होना होता है। वह उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन को मुख्यमंत्री के पास पहुंचाकर उनकी मांग पूरी करवाने का प्रयास करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव को जुलाना उपमंडल के साथ जोड़ा जा रहा है। जिसके चलते उनकी परेशानी बढ़ गई है। उनके सभी कार्य जिला मुख्यालय से होते हैं। अगर उन्हें जुलाना उपमंडल से जोड़ा जाता है तो यह काफीआने-जाने में काफ समय लगने के साथ आर्थिक नुकसान भी होगा। जिला मुख्यालय से उनके गांव पांच से दस किलोमीटर की दूरी पर हैं, जबकि जुलाना की दूरी 20 किलोमीटर या इससे ज्यादा दूरी बनती है। जुलाना जाने के लिए उन्हें जिला मुख्यालय से होकर जाना पड़ेगा। जुलाना उपमंडल के साथ जोडऩे से उन्हें काफ ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि सरकार ने जुलाना समेत पांच उपमंडल बनाने का नोटिफि केशन कुछ समय पहले जारी किया था। इसकी आवाज जुलाना विधायक ने विधानसभा सत्र में उठाई थी। जिसकी मंजूरी देते हुए जुलाना को उपमंडल का दर्जा दिलवाया गया। अब जींद के पास लगने वाले गांवों को जुलाना उपमंडल में शामिल करने पर लोगों को ज्यादा परेशानी होगी। जिसके विरोध में गांवों के लोग अब इसके विरोध में लामबंद हुए हैं। इस अवसर पर कुलबीर मलिक, सुरेंद्र, भूपेंद्र, दलबीर, धर्मबीर, पूनम, सोनिया, रोशन मौजूद रहे।
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इन गांवों के जुलाना उपमंडल में शामिल होने की जारी हुई थी अधिसूचना
जींद उपमंडल के 11 गांवों के जुलाना उपमंडल में शामिल होने की अधिसूचना सरकार ने जारी की थी। इसमें बराड़ खेड़ा, किनाना, शामलों खुर्द, शामलों कलां, रामकली, पड़ाना, ढिगाना, भैरोंखेड़ा, निडाना व ललितखेड़ा को शामिल किया जाना था। जिसके विरोध में अब लोग आगे आ रहे हैं।
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नेशनल हाइवे 152 डी जाम करने की दी चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने जींद उपमंडल में रहने के लिए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। अगर सरकार ने उनकी जींद उपमंडल में रहने की मांग को नहीं माना तो वह मजबूरन नेशनल हाइवे 152 डी को जाम करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जुलाना जाने के लिए उनको जींद होकर जाना पड़ेगा, जो उनके गांवों से ज्यादा दूर होगा। इससे एक तो समय की बर्बादी होगी, दूसरा आमजन को जुलाना जाने में ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे।