भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ के जींद में 25 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम में आने का विरोध किसानों के साथ मिलकर सर्व समाज के लोग भी करेंगे। खटकड़ टोल के पास किसानों के धरने पर पत्रकारवार्ता में किसानों व सर्व समाज के लोगों ने यह जानकारी दी।
कमला चौहान, अमरनाथ पारचा, आजाद पालवां व सतबीर पहलवान ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन किसान आंदोलन के दौरान नहीं करने चाहिए। सर्व समाज व खाप पंचायतें पहले ही यह एलान कर चुकी हैं कि अगर भाजपा के नेता जिले में किसी कार्यक्रम में आते हैं तो उनका विरोध किया जाएगा। आज किसानों के धरने पर पहुंच कर सर्व समाज के नेताओं ने भाजपा नेताओं के जींद दौरे के विरोध के फैसले को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि किसान व सर्व समाज में दरार हो, इसके लिए इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम अगर जींद में होता है तो इसका डटकर विरोध किया जाएगा। किसान व सर्व समाज के नेताओं ने कहा कि चार महीने से अधिक का समय किसानों को आंदोलन करते हो गया है। संयम व अनुशासन से यह आंदोलन चल रहा है। देश की आजादी के बाद का इतना लंबा आंदोलन कभी नहीं हुआ। आज दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरनों की बात हो या हरियाणा में चल रहे धरनों की बात हो, हर जगह किसान शांति व संयम से अपने धरने दे रहे हैं। इस मौके पर वेद प्रकाश, धर्मेंद्र चहल गंगाना, रामफल दहिया, दिलबाग दूहन, सागर, धर्मपाल सिंहमार, मनफूल, सुखीराम धरौदी, सतपाल अठवाल, शमशेर घासो, रामकुमार बिढ़ान, ताराचंद शाहपुर मौजूद रहे।
जारी है सांकेतिक भूख हड़ताल
खटकड़ टोल के पास किसानों का धरना व सांकेतिक भूख हड़ताल जारी है। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता अंबर देवी बरसोला ने की। अंबर देवी ने कहा कि किसानों के इस आंदोलन में महिला पीछे नहीं हैं। महिलाएं पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। घर के कामकाज करके धरनों पर महिलाएं पहुंच रही हैं। केंद्र सरकार को कृषि कानून रद्द करने ही होंगे। इस मौके पर सिक्किम श्योकंद, तारा चंद कामड़ा, गीता, नीरू, अन्नु, सोनिया, प्रिया, कोमल, कविता, सुमन, खुशबू व सोनिया भी मौजूद रहे।