04जेएनडी19: बैठक में भाग लेते हुए विकलांग अधिकार मंच हरियाणा के सदस्य। स्रोत यूनियन
जींद। विकलांग अधिकार मंच हरियाणा इकाई जींद की अहम बैठक जिला सचिव कपूर सिंह की अध्यक्षता में नए बस अड्डे पर हुई। बैठक में मंच के राज्य महासचिव ऋषिकेश राजली ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। ऋषिकेश राजली ने कहा कि पूरे देश में दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन का पैमाना अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। भारत में सबसे ज्यादा विकलांगता पेंशन आंध्रप्रदेश में छह हजार से 15 हजार तक और इसके बाद तेलंगाना और दिल्ली में मिलती है, जो चार से छह हजार रुपये तक है। हरियाणा में तीन हजार व गुजरात में एक हजार रुपये मासिक दिव्यांगता पेंशन मिलती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में दिव्यांग पेंशन बहुत कम मिलती है। केंद्र सरकार राज्य सरकारों को 300 रुपये प्रति दिव्यांग पेंशन के तौर पर देती है जो बहुत कम है। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए आज के समय में पूरे भारत में सभी दिव्यांगों की एक समान 10 हजार रुपये पेंशन होनी चाहिए। पांच हजार रुपये केंद्र सरकार और पांच हजार रुपये राज्य सरकार दे। दिव्यांगों को मासिक पेंशन के तौर पर इसी मांग को लेकर राष्ट्रीय विकलांग अधिकार मंच के आह्वान पर 10 फरवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय दिव्यांग रैली होने जा रही है। इसमें पूरे भारत से हजारों की संख्या में दिव्यांग दिल्ली में एकत्रित होकर इस मांग को उठाएंगे और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपेगे। सचिव कपूर सिंह ने कहा कि जिला के सभी गांवों में जाकर दिव्यांगों को आपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा और अधिक से अधिक संख्यां में दिल्ली रैली में शमिल होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा। इस अवसर पर अशोक, अभिषेक, सुरेंद्र, सहदेव सिहाग, सुरेंद्र राजपुरा मौजूद रहे।