फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: बिजली निगम के चोरी पकड़ो अभियान के तहत लगाया जुर्माना

Mon, 14 Jul 2025 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
13जेएनडी01-बिजली मीटर की जांच करते कर्मचारी। स्रोत कर्मचारी
विज्ञापन
जींद। बिजली निगम चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर हो गया है। निगम ने एक साल में 380 बिजली कनेक्शनों की जांच की जिनमें 170 जगह बिजली चोरी की वारदात मिली। इस पर बिजली निगम ने चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर 33.29 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया, लगभग 12 करोड़ रुपये वसूल भी लिए हैं। वहीं उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


जिले में लाइन लोस लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल लाइन लोस 30 प्रतिशत से ऊपर चला गया है। इसका मतलब यह है कि 30 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है इसलिए इस 30 प्रतिशत के न तो बिल भी नहीं बन पा रहे हैं। इससे निगम को नुकसान हो रहा है।
निगम की 15 टीम बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। जिले में सबसे ज्यादा जींद डिविजन में 218 बिजली कनेक्शनों की जांच की गई जिनमें 95 चोरी की घटनाएं मिली। इन पर 19.89 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
विज्ञापन

इसके बाद नरवाना डिविजन में 146 कनेक्शनों पर चोरी की सूचनाएं मिली जिनमें 72 जगह चोरी मिली। इन पर 50 लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। इसके अलावा सफीदों डिविजन में मात्र 16 कनेक्शन चेक किए गए हैं, जिनमें से मात्र तीन जगह बिजली चोरी मिली।
तीनों मामलों में जुर्माना नहीं भरने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। बिजली निगम के अनुसार लोड कम होने और खपत अधिक होने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसी के तहत छापेमारी में कई जगह आधे से एक किलोवाट मिला।
निगम ने उनके लोड बढ़ाने के लिए पेनल्टी लगाते हुए लोड बढ़ाया। निगम के नियमानुसार एक बार जुर्माना लगने के बाद कोर्ट में उपभोक्ता जाता है तो भी उसे आधे रुपये पहले भरने पड़ते हैं। इसके बाद ही कोर्ट में केस दायर किया जाता है। ऐसे में बिजली निगम की ओर से चोरी के केस में उपभोक्ताओं को बचना काफी मुश्किल है।




वर्ष 2022 से अब तक आए 499 मामले

जींद डिविजन में अब तक बिजली चोरी के कुल 355 मामले आए, जिन पर 32 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा नरवाना डिविजन में 342 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए। बिजली निगम ने इन पर 21 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। सफीदों डिविजन में अब तक कुल 46 मामले बिजली चोरी के आए।



जानकारी देने से बच रहे अधिकारी

बिजली निगम के अधिकारी निगम के अभियान को गुप्त रखते हैं। इसलिए वह इस बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं देना चाहते क्योंकि अभियान की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद में लोग सचेत हो जाते हैं। इससे चोरी पकड़ में कम आती है जबकि निगम के अधिकारियों को हर महीने सरकार ने टारगेट दिए हुए हैं। इसके अनुसार अभियान चलाते हुए चोरी और लोड के केस पकड़ने होते हैं।

-

निगम का चोरी पकड़ो अभियान लगातार चलता है। बिजली चोरी मिलने पर जुर्माना भी वसूला जाता है और एफआईआर तक दर्ज कराई जाती है इसलिए उपभोक्ताओं को बिजली चोरी से बचना चाहिए और समय पर बिल भरना चाहिए।
विज्ञापन


-एमएल सुखीजा, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम जींद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें