जींद। सोनीपत-जींद हाईवे 352-ए के निर्माण के लिए उठाई गई मिट्टी के करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं होने से खफा ग्रामीणों तथा ठेकेदारों ने निर्माण कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण और ठेकेदार मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मिट्टी का भुगतान नहीं होता तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
गांव मोरखी, पाथरी, बराह कलां तथा बराह खुर्द खुर्द, मालसरी खेड़ा के ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों से मिट्टी उठाकर भुगतान करने के लिए संपर्क किया तो आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि जिस दौरान हाईवे का निर्माण किया जा रहा था तो मिट्टी का भाव भी निर्माण कंपनी के साथ हुआ था। पांच गांवों के लगभग 150 किसान हैं, जिनके खेतों से मिट्टी उठाई गई है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी कंपनी ने मिट्टी उठाने की राशि का भुगतान नहीं किया। इसकी शिकायत डीसी समेत अन्य अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद भी उनकी राशि को वापस नहीं किया गया। अब सिवाय धरना देने के कुछ नहीं बचा है। उन्होंने मांग की कि हाईवे निमार्ण से उनकी राशि दिलाई जाए। मिट्टी ठेकेदार विक्की मोरखी ने बताया कि उसने मिट्टी का ठेका लिया हुआ था। उसके हाईवे निर्माण कंपनी की तरफ तीन करोड़ 60 लाख रुपये बकाया है। इसी प्रकार लगभग 150 किसानों के हाईवे निर्माण कंपनी की तरफ पांच करोड़ रुपये बकाया है।