संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। एडीजे जसबीर सिंह की कोर्ट ने वीरवार को कुकर्म व हत्या के आरोपी मधेपुरा (बिहार) निवासी मोहम्मद नसीम (34) की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उस पर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के गांव चामी निवासी पवन सिंह को भयावह ढंग से मारने का आरोप है। उसके साथी नवीन व मोनू ठाकुर भी जेल में हैं।
3 अक्तूबर 2022 को पवन सिंह का शव जींद के सतबीर के खेत के पास नाले में पड़ा मिला था। सतबीर ने पुलिस को सूचना दी थी कि मृतक के गले और मुंह को कपड़ा ठुंसा हुआ है। सिर पर चोट लगी है। खून के धब्बे वाली टी-शर्ट पहने शख्स के गुदा में लकड़ी भी डाली गई है।
पुलिस ने तहकीकात के बाद मृतक की पहचान अल्मोड़ा के गांव चामी निवासी पवन कुमार के रूप में की थी। हत्यारोपियों तक पुलिस मोबाइल फोन के जरिये पहुंची। दरअसल, आरोपी नवीन ने पवन के फोन में ही अपना सिमकार्ड डाल रखा था। 12 अक्तूबर 2022 को नवीन पकड़ा गया। पूछताछ में नवीन ने पुलिस को बताया था कि मोहम्मद नसीम और मोनू ठाकुर के साथ मिलकर हत्या की थी।
उन्होंने गले और मुंह पर कपड़ा बांधकर उसके साथ कुकर्म भी किया था। पुलिस ने नसीम और मोनू को 14 अक्तूबर 2022 को गिरफ्तार कर लिया। तभी से तीनों जेल में हैं।
जमानत अर्जी पर बहस के दौरान नसीम के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले के निष्कर्ष तक पहुंचने में लंबा वक्त लग सकता है। आरोपी के ऊपर पुराना कोई मामला नहीं है। लिहाजा, आरोपी को जमानत दी जाए। अभियोजन पक्ष ने जमानत देने का विरोध किया।
कहा, कुकर्म और हत्या के अन्य दोनों आरोपियों की जमानत याचिका उच्च न्यायालय से खारिज हो चुकी है। नसीम बिहार का रहने वाला है। उसे जमानत मिली तो वह भाग भी सकता है।