24 जुलाना 02: प्रियंका मलिक अपनी मां के साथ।संवाद
जुलाना। प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता की नई इबारत लिखते हुए पौली गांव की बेटी प्रियंका मलिक ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर जनजातीय एवं अनुसूचित जाति समाज कल्याण अधिकारी के पद पर चयनित होकर गांव का नाम रोशन किया है।
गांव पहुंचने पर प्रियंका का ग्रामीणों, परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। उनकी सफलता को क्षेत्र के युवाओं, बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
प्रियंका के भाई नीरज मलिक ने बताया कि उनकी बहन ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता कर्मबीर मलिक का चयन दिल्ली पुलिस में एसआई पद पर हुआ था लेकिन कुछ कारणों से वे नौकरी नहीं कर सके। उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रियंका ने बताया कि उनके परिवार में आठ भाई-बहन हैं और सभी ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने हिंदू गर्ल्स कॉलेज से एमकॉम की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए नेट-जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं।
पिता के सपने को किया साकार
सफलता पर भावुक हुई प्रियंका ने कहा कि उनके पिता का सपना था कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर अधिकारी बनें और समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित करें। उन्होंने कहा कि आज उनके पिता इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी सीख, संघर्ष और प्रेरणा ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रही है। प्रियंका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता, स्वर्गीय पिता, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।