भूमि अधिग्रहण बिल पर लगातार घिर रही केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह ने विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जो लोग आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने ही बदलाव के सुझाव दिए थे। बीरेंद्र सिंह ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर गठित संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) में आम राय बन सकती है।
डूमरखां कलां गांव स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी से लोगों का विश्वास उठ चुका था। खुद को बचाने के लिए सत्ता के अंतिम दिनों में कांग्रेस ने इस बिल को पास किया और इस पर अधिकतर राजनीतिक दलों की सहमति बनी थी।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह बिल लागू होने के बाद अधिकतर राज्य सरकारों ने कहा कि कानून के अनुसार वे भूमि अधिग्रहण ही नहीं कर पा रहे हैं। इस पर पिछले साल 27 जून को राज्यों के राजस्व मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें कई उपनियमों को बदलने की मांग हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए कानून में बदलाव किए जा रहे हैं।
कांग्रेस पर साधा निशाना
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि गुड़गांव, फरीदाबाद और सोनीपत में करीब 20 हजार एकड़ जमीन कांग्रेस ने सत्ता में रहते डेवेल्पर्स को दे दी। सेक्शन चार और छह लगाने के बाद बीच में डेवेल्पर्स को डाला गया और बाद में सेक्शन छह और चार हटा लिए गए। इससे बड़ा धोखा किसान के साथ नहीं हो सकता।
मैं किसान के साथ गलत नहीं होने दूंगा
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मैं उस परिवार से हूं, जिसने हमेशा किसान के हित की सोची है। चौधरी छोटूराम ने तो अंग्रेजों के राज में भी 17 लाख हेक्टेयर जमीन साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराई थी। इसलिए लिए बीरेंद्र सिंह किसानों के साथ गलत नहीं होने देगा।
हुड्डा पर साधा निशाना
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जींद जिले का विकास भूपेंद्र हुड्डा ने नहीं होने दिया। जींद में बनने वाला बाईपास भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नहीं बनने दिया। यहां आज से दस साल पहले यूनिवर्सिटी की जरूरत थी, लेकिन जब सरकार जाने लगी तो यूनिवर्सिटी बनाई गई। विकास, रोजगार में जींद ही नहीं बल्कि रोहतक, सोनीपत को छोड़ कर सभी जिलों के साथ भेदभाव किया।
आज किसानों के हितों को लेकर यात्रा निकाल कर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ढोंग कर रहे हैं। 65 साल के प्रजातंत्र में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक संकुचित सोच वाला व्यक्ति प्रदेश में अपनी मनमानी चलाता रहा। इस मौके पर भाजपा विधायक प्रेमलता, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन सज्जन श्योकंद, हरेंद्र डूमरखां, संजीव डूमरखां, मनोज नचार, बीरेंद्र घोघडिय़ा, राजकरतार, बिजेंद्र डूमरखां कलां, अभिमन्यु श्योकंद, संदीप हैबतपुर, रामनिवास दनौदा, सुरेंद्र गर्ग, सुरेंद्र श्योकंद, जितेंद्र श्योकंद, छोटा श्योकंद, सुभाष शर्मा, पंकज श्योकंद, धर्मेंद्र चहल, सज्जन चौधरी, सुरेश श्योकंद, सतीशा देवी मौजूद रहे।