27जेएनडी10: नागरिक अस्पताल की एमरजेंसी के सामने चल रहा निर्माण कार्य। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इमरजेंसी वार्ड में अब तक एग्जॉस्ट फैन नहीं लगाए गए हैं। इससे अंदर उमस भरा माहौल बना रहता है। गर्मी बढ़ने के साथ मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण और मरम्मत कार्य पिछले पांच महीनों से जारी है लेकिन अभी तक काम अधूरा है। निर्माण कार्य की धीमी गति और खामियों को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी परेशान है। इमरजेंसी में फर्श का लेवल सही नहीं होने से स्ट्रेचर और व्हीलचेयर चलाने में दिक्कत आती है।
इसके अलावा पर्याप्त रोशनी का अभाव है। इमरजेंसी के दरवाजों और अन्य स्थानों पर भी कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं। गेट के शीशों पर काली परत न होने से बाहर की रोशनी और गर्मी सीधे अंदर आ रही है। इससे मरीजों को असहजता होती है। डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इससे उन्हें काम करने में असुविधा हो रही है।
पीएमओ ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पत्र लिखकर जल्द सुधार करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में इमरजेंसी में एग्जॉस्ट फैन लगाने, अतिरिक्त लाइटें लगाने, गेट के शीशों पर काली फिल्म चढ़ाने, डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम बनाने और एयर कंडीशनर लगाने की मांग की गई है।
वर्जन
अस्पताल के कार्य की गति बढ़ाने व कार्य में कौताही बरतने को लेकर पीडब्ल्यूडी को कई बार पत्र पहले भी लिखा जा चुका है। अब फिर रिमांडर भेजकर कई तरह के सुधार करने के निर्देश दिए हैं। ज्यादातर समस्याएं इमरजेंसी वार्ड में हैं। यहां पर गंभीर मरीजों का इलाज होता है लेकिन सुविधाएं नहीं होने से परेशानियां बढ़ती हैं।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद
27जेएनडी10: नागरिक अस्पताल की एमरजेंसी के सामने चल रहा निर्माण कार्य। संवाद