संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। रोडवेज डिपो की ओर से तीन माह पहले भिवानी डिपो को भेजी गई पांच बसों के बदले अब तक नई बसें नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
बसों की कमी के कारण जींद–भिवानी, रोहतक और कैथल समेत कई प्रमुख रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों को दोपहर बाद इन रूटों पर 12–15 मिनट के बजाय 30 से 45 मिनट तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
दिसंबर माह में जींद डिपो से बीएस-6 मॉडल की पांच बसें भिवानी डिपो में भेजी गई थीं। इनमें से तीन बसें जींद उपकेंद्र, एक नरवाना और एक सफीदों उपकेंद्र से स्थानांतरित की गई थीं। इसके बदले भिवानी डिपो से अब तक कोई बस जींद को नहीं मिली है जिससे डिपो का बेड़ा और कमजोर हो गया है। वर्तमान में जींद डिपो में 165 बसें रह गई हैं, जिनमें से 35 किलोमीटर स्कीम की बसें हैं। जबकि पहले बसों की संख्या 170 थी।
डिपो से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं : रोजाना 5 से 7 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं, जिससे संचालन क्षमता और घट जाती है। डिपो से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं और लगभग 10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है लेकिन बसों की कमी से आय और सेवा दोनों प्रभावित हो रही हैं। यात्री मुकेश कुमार, रोशनलाल, सतबीर पूनिया, राहुल मल्होत्रा का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति और खराब हो जाती है। बसों में अत्यधिक भीड़ के कारण लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। कई बार सीट न मिलने पर यात्री निजी वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हैं जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है।