फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lok Sabha Security Breach: गिरफ्तार नीलम के पक्ष में उतरा संयुक्त किसान मोर्चा, पंचायत कर तीन प्रस्ताव किए पास

Thu, 14 Dec 2023 07:36 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

पंचायत में नीलम के समर्थन में तीन प्रस्ताव पास किए गए। पहला प्रस्ताव है कि किसान, मजदूर की आवाज उठाने के लिए युवाओं को रोजगार दिलाने में सरकार मदद करे। रोजगार की मांग उठाने वाले युवाओं के खिलाफ तानाशाही चल रही है, उसके खिलाफ आवाज उठाने वाली नीलम को रिहा किया जाए।
विज्ञापन
पंचायत को संबोधित करते हुए आजाद पालवां। संवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में गिरफ्तार की गई गांव घसो खुर्द निवासी नीलम के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा उतर आया है। उचाना के तहसील कार्यालय में वीरवार को एक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से दाड़न खाप से सूरजनभान, सिक्किम श्योकंद, माजरा खाप से समुंद्र फोर समेत अन्य खाप नेता शामिल हुए। सभी वक्ताओं ने नीलम को तुरंत रिहा करने की मांग की तथा कहा कि यदि नीलम को जल्द रिहा नहीं किया तो वह लोग बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

विज्ञापन


धरना संयोजक आजाद पालवां ने कहा कि दिल्ली के अंदर जो घटना घटी है, उसमें घसो खुर्द गांव की बेटी नीलम ने अपनी आवाज को बुलंद किया है। नीलम ने विद्यार्थी, बेरोजगारों, गरीब, मजदूरों की आवाज को उठाया है। इन नौजवानों की मंशा खराब नहीं थी, इनके विचार गलत नहीं थे, किसी को हानि पहुंचाने की मंशा नहीं थी। इसलिए इस प्रकार का संगीन एक्ट लगने का कोई औचित्य नहीं बनता है।

अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो फिर खाप पंचायतें पूरे हरियाणा में सभी संगठनों से बात कर बड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे। किसान नेत्री सिक्कम श्योकंद ने नीलम द्वारा किए गए कार्य को पूरी तरह से सही बताते हुए कहा कि सरकार को जागने के लिए यह धमाका करना बहुत जरूरी था। नीलम ने इस विरोध के माध्यम से बेरोजगार युवाओं की आवाज को उठाया है। सरकार ने सत्ता में आने के लिए युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी लेकिन सरकार अब युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।
विज्ञापन


यह प्रस्ताव किए गए पास
पंचायत में नीलम के समर्थन में तीन प्रस्ताव पास किए गए। पहला प्रस्ताव है कि किसान, मजदूर की आवाज उठाने के लिए युवाओं को रोजगार दिलाने में सरकार मदद करे। रोजगार की मांग उठाने वाले युवाओं के खिलाफ तानाशाही चल रही है, उसके खिलाफ आवाज उठाने वाली नीलम को रिहा किया जाए। नीलम पर यूपीए की जो संगीन धाराएं लगाई गई है, उन्हें हटाया जाए।

बेटे के साथ दिल्ली जाएंगी नीलम की मां सरस्वती
नीलम की मां सरस्वती देवी ने कहा कि जब कोई बच्चा इतना पढऩे के बाद भी बेरोजगार रहता है तो वह निश्चित तौर पर कुछ गलत कर सकता है लेकिन नीलम ने बेरोजगार युवाओं की आवाज को उठाया है। दिल्ली जाने के बारे में पूछे जाने पर सरस्वती देवी ने कहा कि अकेले उनके जाने से कुछ होने वाला नहीं है। किसान संगठन और खाप पंचायतें इकट्ठा हो रही हैं और उनका बेटा उनके साथ दिल्ली जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें