छातर के छातर गांव के गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए अनिल म?
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उचाना। छातर गांव के गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य स्तरीय परियोजना बाल सलाह परामर्श को लेकर सेमिनार का आयोजन किया। बाल कल्याण अधिकारी रोहतक एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि वर्तमान दूरसंचार क्रांति के युग में मात, पिता व शिक्षकों को सभी सेना नायक की तरह नेतृत्व करने की आवश्यकता है। शिक्षा की तकनीक, जरूरतें, समझ, समय के साथ बदल रही हैं यहां खुद से खुद का तथा अपनों से अपनों का द्वंद चल रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें जागना होगा, समझना होगा, एंड्रॉयड फोन की सरल उपलब्धता डिजिटल साक्षरता का अभाव निसंदेह डिजिटल तकनीक सोशल मीडिया के फायदों के साथ-साथ लापरवाही से बच्चों को नुकसान पहुंच रहा है। बच्चों की बेहतर सुरक्षा के लिए अभिभावकों को खुद आगे सशक्त कदम बढ़ाना होगा। परवरिश के तरीके समय के साथ बदल रहे हैं वर्तमान डिजिटल समय में सार्थक, व्यवहारिक, सहयोगी, समझदार तरीके अपनाने होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को सोचने का अवसर दें, उन्हें सवाल पूछने दें, काम करने, बोलने की आजादी दे, निर्णय लेने में मदद करें, उनकी रुचि जानें, समय के महत्व को समझाएं, खुले मैदानी खेलों के लिए प्रेरित करें और आवश्यक तौर से उन में जीत की भावना कभी हावी ना होने दें दौड़ने के गुर सिखाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल अजीत गौतम ने कहा कि मनोवैज्ञानिक प्रेरणा द्वारा ही बच्चों को सही राह पर अग्रसर किया जा सकता है। इस अवसर पर रविंद्र, नीरज, सोहन, एबीआरसी पवन कुमार मौजूद रहे।