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Jind News: मंडियों में धान खरीद धीमी, भुगतान में देरी का आरोप... इनेलो ने किया प्रदर्शन

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फोटो 08जेएनडी08-अनाज मंडी नरवाना में प्रदर्शन करते हुए इनेलो नेता और कार्यकर्ता। स्रोत कार्यकर् - फोटो : shiv tripathi
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जींद। इनेलो की जिला इकाई ने वीरवार को नरवाना, उचाना और अलेवा अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि अब तक मंडियों में करीब सात लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है, जबकि खरीद करीब 1.26 लाख मीट्रिक टन ही हुई है। उन्होंने दावा किया कि खरीदे गए धान की कीमत करीब 307.57 करोड़ रुपये बनती है, जबकि किसानों को अब तक करीब 13.52 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि धान का एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन किसानों को कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों को 10 से 15 दिन तक मंडियों में फसल बिकने का इंतजार करना पड़ रहा है।
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नमी के नाम पर भी किसानों को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत से कम नमी वाली फसल की खरीद में भी दिक्कतें आ रही हैं। जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता विजेंद्र रेढू ने कहा कि इनेलो किसानों की समस्याओं को लेकर उनके साथ खड़ी है और मांगें पूरी होने तक आवाज उठाती रहेगी।
प्रदर्शन में रामफल कुंडू, प्रदीप गिल, प्रो. धर्मेंद्र ढुल, रामेश्वर पहलवान, वेद सिंह मुंडे, जयकुमार पवार, प्रदीप नैन, बिल्लू पेगां, अंग्रेज नैन, बलराज नगूरां, कुलदीप नैन धमतान, कर्ण सिंह अलेवा, छबील दास मोर, छोटूराम बेलरखा, प्रो. दयानंद और सुशील सरपंच मौजूद रहे।

पंजीकरण और मैपिंग में अनियमितता का आरोप
इनेलो प्रदेश अध्यक्ष ने मंडियों में किसानों के लिए शौचालय, पीने के पानी और भोजन जैसी सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लाखों एकड़ फसल का पंजीकरण और मैपिंग नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजीकरण के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है तथा अधिकारी और मिलर मिलकर किसानों को परेशान कर रहे हैं।
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