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मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने नहीं मिलने पर आउटसोर्स कर्मचारियों ने दिया धरना

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नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाजा किसी से छिपा नहीं है। यहां के लोग अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर सरकार के पास पत्र भेज रहे हैं। इसी बीच वीरवार को अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारी अपने लिए सुविधाओं की मांग को लेकर काम छोड़कर अस्पताल परिसर में धरना देते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। कर्मचारियों का नेतृत्व स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रधान विकास कुमार ने किया।
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कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वे अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने तक नहीं दिए जा रहे हैं। वीरवार सुबह वे काम पर आए और उन्होंने नर्सिंग सिस्टर से मास्क, सैनिटाइजर व दस्तानों की मांग की तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नर्सिंग सिस्टर व अस्पताल प्रशासन को आधे घंटे का समय दिया था। करीब पौने घंटे तक उन्होंने अस्पताल में काम किया, लेकिन उन्हें तीनों चीजें उपलब्ध नहीं करवाई गईं, जिसकी वजह से उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कर्मचारियों का आरोप था कि सरकार की ओर से हर प्रकार का सामान अस्पताल में आ रहा है और सामान के बिल भी पास होते हैं, लेकिन उस सामान को कई पक्के कर्मचारी अपने घर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा है, लेकिन वे काम कर रहे हैं। बेशक वेतन उन्हें और विलंब से मिल जाए, लेकिन काम करने के लिए उन्हें मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने जैसे जरूरी सामान हर रोज चाहिए। वह भी उन्हें नहीं मिल रहा है। जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही खुद असुरक्षित होंगे तो जनता को सुरक्षा कैसे दे पाएंगे। उनका कहना था कि अस्पताल में सुविधाओं के टोटे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। मरीज व स्टाफ को पानी के लिए पूरा दिन मारा-मारा फिरना पड़ता है।
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वॉशमैन ने कहा कि उसे भी अस्पताल की ओर से समय पर सामान नहीं मिलता और वह अपने खर्चे पर अस्पताल के कपड़े धोने को मजबूर है। उन्होंने 20 अप्रैल को कपड़े धोने के लिए व अन्य सामान की मांग दी थी, लेकिन आजतक भी सामान प्राप्त नहीं हुआ है। वे हर रोज अस्पताल के बेडों की चद्दरें व अन्य कपड़े अपने घर लाकर धोते हैं। कर्मचारियों के धरने के बीच नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा, कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. विकास गुप्ता व डॉ. तुषार पहुंचे और कर्मचारियों की समस्याओं को सुना। कर्मचारियों ने अधिकारियों को दो टूक जवाब दिया कि उन्हें सुविधाओं की दरकार है। अगर उन्हें सुविधाएं नहीं दी गईं तो वे इस महामारी में कैसे काम कर पाएंगे। इस पर नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा व कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. विकास गुप्ता ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उन्हें मास्क, सैनिटाइजर व दस्ताने हर रोज समय पर प्राप्त होंगे और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आने दी जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के उपरांत कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट गए। इस अवसर पर अमरजीत सिंह, राममेहर, दीपक, नीतू व सीमा भी मौजूद रहे।
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