जींद। नागरिक अस्पताल में एक महीने से महिलाओं की डिलीवरी व नसबंदी को छोड़कर कोई ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। ऑपरेशन नहीं होने का कारण ऑपरेशन थिएटर का सेंट्रल चिलिंग प्वाइंट खराब होना बताया जा रहा है। 22 अगस्त को सिविल सर्जन को इस बारे में जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कर ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए लेकिन आज तक नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन शुरू नहीं किए गए हैं। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पीजीआई रोहतक या फिर निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में हर प्रकार के ऑपरेशन किए जाते हैं। अस्पताल की नई बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है। इसी ऑपरेशन थिएटर में सभी प्रकार के ऑपरेशन किए जाते हैं। किसी भी मरीज का ऑपरेशन करते समय यहां का तापमान 16 से 20 डिग्री सेल्सियस रखना होता है, लेकिन थिएटर का सेंट्रल चिलिंग प्वाइंट खराब होने के कारण तापमान अनुकूल नहीं बन पा रहा। इस कारण चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने बंद कर दिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एस्टीमेट बनवाया, जिस पर सात लाख रुपये खर्च होंगे। सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल को जैसे ही पता चला कि अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं तो उन्होंने चिकित्सकों को वैकल्पिक व्यवस्था करके ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक भी अस्पताल में ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाए। रुटीन में औसतन प्रतिदिन अस्पताल में 10 से 12 लोगों के ऑपरेशन किए जाते हैं।
डर रहे चिकित्सक
एक चिकित्सक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि तापमान अनुकूल नहीं होने के कारण ऑपरेशन करते समय मरीज की जान को भी खतरा हो सकता है, इसलिए ऑपरेशन करना आफत मोल लेना है। जब व्यवस्था हो जाएगी, तब ऑपरेशन कर दिए जाएंगे।
निजी अस्पताल में करवाना पड़ा ऑपरेशन
दरियावाला गांव निवासी सुरेश की दो दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में टांग टूट गई थी। उसका तुरंत ऑपरेशन होना था लेकिन अस्पताल में ऑपरेशन बंद होने के कारण उसे एक निजी अस्पताल में अपनी टांग का ऑपरेशन करवाना पड़ा। वहीं निर्जन गांव निवासी सुरेश को अपनी पत्थरी का ऑपरेशन करवाना था, उसे पीजीआई रोहतक में अपना ऑपरेशन करवाना पड़ा।
बॉक्स
जब तक सेंट्रल एसी के लिए बजट नहीं आता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए थे। यदि ऑपरेशन शुरू नहीं हुए हैं तो इस पर संज्ञान लिया जाएगा और सोमवार को हर हाल में ऑपरेशन शुरू करवाए जाएंगे।
डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।