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नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में केवल 45 ऑक्सीजन सिलिंडर बचे, 70 मरीजों को हर समय चाहिए ऑक्सीजन

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नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई आने के इंतजार में रखे गए सिलिंडर। संवाद - फोटो : Jind
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कोरोना के मरीजों को नागरिक अस्पताल जींद में ऑक्सीजन की कमी के कारण परेशानी हो रही है। अस्पताल में 70 मरीज ऐसे हैं, जिनको हर समय ऑक्सीजन की जरूरत है। प्रतिदिन अस्पताल में 100 ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत होती है, लेकिन 45 सिलिंडर ही बचे हैं। रात को यह सभी लग जाएंगे। यदि रात को ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हुई तो कई मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
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नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में फिलहाल 71 मरीज दाखिल हैं। यह सभी ऑक्सीजन पर निर्भर है। पुरानी बिल्डिंग में मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से दी जाती है। अस्पताल में प्रतिदिन 100 सिलिंडरों की खपत होती है। अभी तक अस्पताल में प्रतिदिन ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंच रही थी, लेकिन रविवार को केवल 45 ही सिलिंडर मिले हैं। इतने सिलिंडरों से सुबह तक काम चलाना मुश्किल है। जिला प्रशासन तथा अस्पताल प्रशासन लगातार ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए प्रयास कर रहा है। लेकिन फिलहाल कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में 50 मरीज दाखिल हैं। इनको ऑक्सीजन की सप्लाई टैंक से पाइपलाइन के माध्यम से दी जाती है। इस टैंक को शनिवार को ही भरवाया गया है। यह ऑक्सीजन भी मुश्किल से चार दिन ही चल पाएगी। अस्पताल प्रशासन अधिक परेशानी होने पर कुछ मरीजों को पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर सकता है। लेकिन यह जोखिम भरा कार्य है, क्योंकि कुछ मरीजों की हालत इतनी खराब है कि यदि उन्हें दो मिनट भी ऑक्सीजन नहीं मिली तो उनके जीवन पर संकट आ सकता है। ऑक्सीजन की कमी होने से अस्पताल प्रशासन को हाथ-पांव फूले हुए हैं।
बेड के लिए भारी समस्या
नागरिक अस्पताल प्रशासन केवल 100 कोविड मरीजों का इलाज करने में सक्षम है। इसके बावजूद यहां पर 121 मरीज दाखिल हैं। काफी लोग लगातार राजनीतिक लोगों से लेकर अधिकारियों तक की सिफारिश लगवाकर अस्पताल में ऑक्सीजन बेड हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यहां कोई बेड नहीं है। अपनी क्षमता से अधिक मरीज दाखिल पहले ही हो चुके हैं। ऐसे में लोगों की जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे चिकित्सक अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं।
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ऑक्सीजन सप्लाई दे गया धोखा
रोहतक रोड पर स्थित एक फैक्टरी मालिक प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई करता था। किसी कारण से प्रशासन इस फैक्टरी को सील करना चाहता था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने डीसी से अपील करके इस फैक्टरी को चालू करने के लिए मनाया। इसमें फैक्टरी मालिक के साथ डील यह हुई थी कि वह अपनी सारी ऑक्सीजन की सप्लाई नागरिक अस्पताल को करेगा, लेकिन रविवार को इस फैक्टरी मालिक ने ऑक्सीजन देने में असमर्थता जताते हुए केवल 45 सिलिंडरों की ही सप्लाई दी।
रेमडेसिविर के लिए मारामारी
पिछले पांच दिन से जिले में कहीं भी रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में दाखिल मरीजोें के तीमारदार रेमडेसिविर के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। लेकिन पूरे जिले में कहीं भी इंजेक्शन नहीं हैं। नागरिक अस्पताल में दाखिल एक मरीज के परिजन छह रेमडेसिविर इंजेक्शन गुरुग्राम से डेढ़ लाख रुपये में खरीद कर लाए हैं। इससे साफ है कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी ज्यादा हो चुकी है।
नागरिक अस्पताल में फिलहाल 121 मरीज दाखिल हैं। पुरानी बिल्डिंग में इतनी ऑक्सीजन बाकी है कि वह रात का काम भी नहीं चला सकती। रविवार को 45 सिलिंडर मिले हैं, जबकि खपत प्रतिदिन 100 की है। जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग लगातार ऑक्सीजन सप्लाई मिल जाए, इसके लिए प्रयास कर रहा है। उम्मीद है ऑक्सीजन की सप्लाई मिल जाएगी। रेमडेसिविर इंजेक्शन एक सप्ताह से नहीं हैं। किसी मरीज के परिजन लेकर आते हैं तो लगा दिया जाता है। इस बात का कोई पता नहीं वह कितने में लेकर आते हैं और कहां से लाते हैं।
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डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।
फोटो कैप्शन
25जेएनडी 06 : नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई आने के इंतजार में रखे सिलिंडर। संवाद
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