प्याज के दाम निरंतर बढ़ रहे हैं। प्याज के भाव ने अपना शतक पूरा कर लिया है। 100 रुपये प्रति किलो प्याज का भाव होने से अब रसोई के तड़के से प्याज गायब हो गया है। प्याज के भाव कम होने की बजाए निरंतर बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। अब रसोई के साथ-साथ खाने में सलाद की प्लेट से भी प्याज गायब हो गया है। प्याज को छोड़ कर मटर और आलू के भाव में जरूर कमी आई है। 100 रुपये किलो प्याज होने से लोगों ने प्याज खरीदना कम कर दिया है। प्याज के रेट बीते सप्ताह 80 थे जो अब 100 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। प्याज को छोड़ कर दूसरी सब्जियों के रेट कम हुए हैं। गृहणी कविता, पूनम, प्रीति व अन्नू ने कहा कि सब्जी में प्याज का तड़का जरूरी होता है। प्याज के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा है। प्याज महंगा होने के चलते अब रसोई से बाहर हो गया है। सब्जी विक्रेता सतीश, मनोज व रिंकू ने कहा कि प्याज को छोड़ कर अन्य सब्जियों भाव कम हुए हैं। इस बार प्याज का उत्पादन कम होने से प्याज के दाम बढ़ने का कारण माना जा रहा है। प्याज के दाम बढ़ने से इसको कम लोग खरीद रहे हैं।
बिन मौसम बारिश के कारण प्याज की फसल खराब हो गई थी। इस कारण प्याज का उत्पादन कम हुआ है और प्याज के दामों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। एक सप्ताह के अंदर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। इसके बाद प्याज के दाम में गिरावट आ सकती है। आसपास के किसानों की पैदावार में बढ़ोतरी होगी तो जनता को कुछ राहत मिलेगी। -अवतार कुमरा, सब्जी मंडी प्रधान जींद।