जींद। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी परिंदर सिंह की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में फैसला सुनाते हुए भारत भूषण उर्फ रिंकू पंडित को दोषी करार दिया है।
यह मामला धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत दायर किया गया था। शिकायतकर्ता दीपक गिल ने शिकायत दी थी कि आरोपी ने साल 2021 में व्यवसायिक आवश्यकता के नाम पर 4.25 लाख की राशि उधार ली थी और भुगतान के लिए चेक जारी किया था, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर पर्याप्त धनराशि न होने के कारण दो बार बाउंस हो गया।
न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते एक वर्ष का साधारण कारावास और चेक राशि का डेढ़ गुना मुआवजा शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चेक की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है और आर्थिक अपराधों के प्रति सख्त दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।