रविवार देर रात घिमाना गांव के पास ढाबे पर खड़े ट्रक से एक कार की टक्कर में कार चालक महेंद्रगढ़ जिला के कोका गांव निवासी 34 वर्षीय सुरेश की मौत हो गई। सुरेश पंचकूला में एक कंपनी में पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रहा था। रविवार शाम को वह अपने गांव कोका से दो अन्य दोस्तों जैलाफ निवासी कैलाश व बिजेंद्र के साथ अपनी गाड़ी में सवार होकर पंचकूला रहा था। सुबह सुरेश को जल्दी ड्यूटी पर जाना था। इसलिए वह रात को ही घर से निकल लिया।
सुरेश रात को लगभग 12 बजे जींद के नजदीक घिमाना पहुंचा था। इस दौरान सुरेश की गाड़ी ने नियंत्रण खो दिया और सड़क के किनारे दूसरी तरफ ढाबे पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई। इसमें सुरेश, कैलाश व बिजेंद्र घायल हो गए। घायलों को ढाबे पर कार्यरत कर्मियों ने गाड़ी से निकाला और पुलिस को सूचना देकर नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। यहां पर चिकित्सकों ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया और जैलाफ निवासी कैलाश व बिजेंद्र की गंभीर हालात को देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस ने सोमवार सुबह मृतक सुरेश के शव का पोस्टमार्टम करवा शव को परिजनों को सौंप दिया। इसमें पुलिस ने घायल कैलाश के बयान पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक साल पहले हुई थी सुरेश की शादी
सुरेश की शादी एक साल पहले ही हुई थी। अभी तक सुरेश की पत्नी को बच्चा भी नहीं हुआ था, कि पत्नी की पत्नी की मांग पहले ही उजड़ गई। सुरेश दिवाली के बाद घर पर आया था। सुबह जल्दी कार्यालय में काम होने के कारण अन्य दो दोस्तों के साथ रात को ही घर से पंचकूला के लिए रवाना हुआ था, ताकि वह सुबह समय से अपने काम को संभाल सके।
घर से ले गया था घी व देसी लड्डू
परिजनों के अनुसार सुरेश करीब दस दिन के बाद वापस पंचकूला जा रहा था। इसके चलते सुरेश ने अपने साथ घर का देसी घी व देसी घी से बने लड्डू भी साथ लिए थे, लेकिन कुदरत ने शायद यह सुरेश के नसीब में ही नहीं लिखे थे।