जींद। शहर की अनाजमंडी में सरकारी दुकान पर सरसों की खरीद में अनियमिततों बरती जा रही है। इसमें किसानों को चपत लगाई जा रही है। मंडी में नमी की जांच पर प्रत्येक ढेरी से लगभग एक किलोग्राम सरसों की पैकिंग करके एक निजी दुकान पर जांच के नाम पर ले जाई जा रही है।
अनाजमंडी में हैफेड व नैफेड संयुक्त रुप से सरसों की सरकारी खरीद कर रही है। इसमें हैफेड के कर्मचारी दुकानों के आगे ही ढेरी पर जाकर सरसों में नमी की जांच करते हैं। इसके अलावा नैफेड की तरफ से इन सरसों की ढेरियों से एक थैली में लगभग एक किलोग्राम सरसों को लेकर उस पर किसान का नाम लिखा जाता है । इसके बाद इसको एक निजी दुकान पर नमी व गुणवत्ता के लिए जांच के नाम पर ले जाया जा रहा है। मंडी में इस तरह से शनिवार को कई ढेरियों से यह पैकिंग करके ले जाने के बाद किसानों को परिणाम का भी इंतजार रहा। मंडी में आए किसानों ने बताया कि पहले तो हैफेड के कर्मचारी मौके पर नमी की जांच करते हैं, लेकिन बाद में दूसरी एजेंसी के कर्मचारी आकर उनकी ढेरी से जांच के नाम पर सरसों को थैली में डालकर ले जाते हैं, जबकि नियमानुसार सरसों में नमी की जांच मंडी में ही होनी चाहिए। इसके अलावा मंडी में सरकार किसानों को गेट पास देकर सरसों को दुकान के सामने उतारकर नमी की जांच होने के बाद कटवाए जा रहे हैं, जबकि गेट पास का नियम मंडी में फसल के प्रवेश करते ही काटने का होता है। इस तरह से दुड़ाना से सरसों लाए एक किसान ने शनिवार को मंडी से सरसों वापस ले जानी पड़ी। किसान की सरसों दुकान के सामने उतारने के बाद नमी की जांच कर गेट पास के लिए भेजा तो उसकी सरसों का डाटा मिस मैच मिला। इसके बाद किसान को वापस ट्राली में सरसों लोढ करके निजी दुकान पर ले जानी पड़ी। अगर मंडी में प्रवेश करते ही गेट पास काटा जाता तो किसान को यह परेशानी नहीं आती।
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मंडी में सरसों की खरीद को लेकर किसानों को कोई परेशानी नहीं है। उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई। वह अपने स्तर पर भी जांच करवाएंगे। सरसों की जांच मंडी में ढेरी पर ही होती है।
रतनदीप मैनेजर
फोटो कैप्शन
29जेएनडी29: शहर की अनाजमंडी में सरसों का पहले गेटपास नहीं काटने के कारण बाद में डाटा मिसमैच होने पर किसान ट्राली में सरसों डालकर वापस ले जाते हुए। संवाद