जींद। मौसम बदलने के साथ जिले में डेंगू के मामले बढ़ने लगे हें। मंगलवार को पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सभी को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। अब तक जिले के 32 लोग डेंगू पॉजिटिव हो चुके हैं। अब केवल अक्तूबर महीना और स्वास्थ्य विभाग के लिए भारी रहेगा, क्योंकि यह महीना डेंगू के लिए पीक माना जाता है।
जिन लोगाें की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है, उनमें नगूरां गांव की 80 वर्षीय वृद्धा, नरवाना की 44 वर्षीय महिला, सफीदों की 40 वर्षीय महिला, खरकरामजी का 20 वर्षीय युवक व भुरायण का 60 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं। डेंगू के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर दस्तक दे रही है। स्वास्थ्य कर्मियों ने बुखार से पीड़ित लोगों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेज रहा है।
वर्ष 2015 में आए थे सबसे अधिक डेंगू के मामले
जिले में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज वर्ष 2015 में 668 आए थे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग के चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया। स्वास्थ्य विभाग सितंबर और अक्तूबर को डेंगू के लिए पीक मानता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। यह मौसम मच्छरों के पनपने लिए पूरी तरह से अनुकूल है। अब एक बार फिर से डेंगू ने दस्तक दी है तो स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वर्ष 2023 में 420, वर्ष 2024 में अब तक 32 मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा दो केस मलेरिया के भी मिले हैं।
अस्पताल में एलिसा रीडर एंड वॉशर की सुविधा उपलब्ध
डेंगू टेस्ट के लिए नागरिक अस्पताल प्रशासन में एलिसा रीडर एंड वॉशर नामक मशीन उपलब्ध है। इस मशीन के माध्यम से डेंगू टेस्ट की रिपोर्ट मात्र चार से पांच घंटे में ही उपलब्ध हो जाती है।
बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रमेश पांचाल तथा डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों की बैठक लेकर उनको निर्देश जारी किए। डाॅ. पांचाल ने कहा कि सभी घरों की जांच की जाए। जहां कहीं पानी खड़ा हो, उस पर तेल डाला जाए और कोई मकान मालिक नहीं मानता हो, उसको नोटिस जारी किया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुखार होने पर घबराने के बजाय तुरंत डेंगू की जांच करवाएं। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य प्रशासन हरसंभव उपाय कर रहा है। स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव व शहर की प्रत्येक कॉलोनी में जाकर लोगों को मौसमी बीमारियों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। -डॉ. रमेश पांचाल, जिला मलेरिया अधिकारी
01जेएनडी34 : जींद शहर में अपनी निगरानी में फॉगिंग करवाते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
01जेएनडी34 : जींद शहर में अपनी निगरानी में फॉगिंग करवाते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद