जींद। अशरफगढ़ गांव निवासी टिंकू की संदिग्ध हालात में हुई मौत के चार दिन बाद वीरवार शाम को परिजन डीसी द्वारा आश्वासन दिए जाने पर शव को पोस्टमार्टम हाउस से उठाने पर राजी हुए और गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इसके साथ ही तीन दिनों से परिजनों का नागरिक अस्पताल में चल रहा धरना भी समाप्त हो गया।
टिंकू को 28 फरवरी को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया था। जहां पर तीन मार्च को उसकी मौत हो गई थी। चार मार्च को उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। परिजनों का कहना था कि पुलिस द्वारा छह माह पहले दी गई थर्ड डिग्री टॉर्चर से टिंकू की मौत हुई है। परिजनों की मांग पर पांच मार्च को चिकित्सक बोर्ड से पोस्टमार्टम भी हो चुका था। उसी दिन शाम को एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने परिजनों को मांगों को लेकर आश्वासन दिया था। छह मार्च को परिजनों ने कहा कि जो मांगें अधिकारियों को दी गई थी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने मांगे पूरी नहीं होने तक शव उठाने व अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था और धरने को जारी रखा। वीरवार शाम को गांव अशरफगढ़ के सरपंच राजेंद्र के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी डीसी मोहम्मद इमरान रजा से मिली।
यह थी परिजनों की मांग
परिजनों ने मृतक को छह महीने पहले थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या तथा एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज करने, मामले की सीबीआई जांच करने, परिजनों को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, मृतक की पत्नी को स्थायी नौकरी देने व परिवार को सुरक्षा देने की मांग थी।
कमेटी के पांच लोगाें से बातचीत हुई थी। उनकी जो मांगे थी, वह सरकार के पास भेज दी गई हैं। मांग पूरी करवाने का प्रयास किया जाएगा।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।