कर्मचारियों व अधिकारियों के चुनावी ड्यूटी में तैनात होने के कारण आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन ग्रामीण क्षेत्र व शहर से आए लोग सरकारी कार्यालयों में घंटो इंतजार करने के बाद मायूस लौट रहे हैं। सोमवार को लघु सचिवालय में खिड़की नंबर पांच पर वाहन पंजीकरण से संबंधित कार्य के लिए दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही, लेकिन खिड़की पर कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं आए।
जिस कारण लोग लंबे इंतजार के बाद मायूस लौट गए। अधिकारियों व कर्मचारियों की चुनावी व्यस्तता आम जनता पर भारी पड़ रही है। अधिकारियों व कर्मचारियों के नहीं मिलने के कारण लोगों के जरूरी कार्य भी नहीं हो रहे हैं।
पांच मिनट के काम के लिए घंटों का इंतजार
वाहन का पंजीकरण करवाने के लिए 11 बजे से खिड़की नंबर पांच पर इंतजार कर रहा हूं, लेकिन खिड़की पर कोई कर्मचारी नहीं बैठा है। पांच मिनट के काम के लिए भी खिड़की पर घंटों का इंतजार करना पड़ता है। आए दिन एक कार्य के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं।
साधुराम, गांव साहपुर निवासी
दोबारा आया पर मायूसी लगी हाथ
मैंने दिल्ली से कुछ दिनों पहले आल्टो गाड़ी खरीदी है। गाड़ी पर सीएनजी की किट लगी हुई है। गत्त सप्ताह वाहन का पंजीकरण करवाने के लिए आया था, उस समय आरसी पर केवल पेट्रोल ही चढ़ाया गया। इसलिए मुझे दोबारा आना पड़ा पर खिड़की नंबर पांच की कुर्सी पर कोई बैठा नहीं मिला। जिससे बहुत मायूस हूं।
नरेंद्र, गांव अकालगढ़ निवासी
इस समय अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में लगे हुए हैं। आज मैं जींद से बाहर हूं, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वाहन पंजीकरण वाली खिड़की पर कर्मचारी क्यों नहीं है, शायद सभी चुनावी ड्यूटी में लगे होंगे।
एसके चहल, आरटीए