उपमंडल कार्यालय में निगरानी कमेटी की बैठक लेते एसडीएम एवं कमेटी चेयरमैन राजेश कोथ।
- फोटो : Jind
राजकीय स्कूलों में बच्चों को दोपहर में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी न रहे इसको अब विभिन्न विभागों के अधिकारी जाएंगे। विद्यार्थियों के साथ अब अधिकारी उनके बीच बैठकर मिड-डे मिल को चखेंगे। उपमंडल कार्यालय में हुई निगरानी कमेटी की बैठक में कमेटी चेयरमैन एवं एसडीएम राजेश कोथ ने अलग-अलग स्कूलों को लेकर शेड्यूल बनाते हुए अधिकारियों को स्कूल के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अधिकारी विद्यार्थियों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन करेंगे। यहां पर मिड-डे मील में पाई जाने वाली कमियों के बारे में जानकारी लेंगे, ताकि उनको भविष्य में दूर किया जा सकें। जहां पर मिड-डे मिल बनता है, उस रसोई से लेकर खाद्य सामग्री व भंडारण की जानकारी भी ये अधिकारी लेंगे। एसडीएम खुद 17 फरवरी को उचाना मंडी के कन्या स्कूल में मिड-डे मील चखेंगे। 18 को एएफएसओ बबीता ढुल डूमरखा कलां, 19 को बीईओ खेड़ी मंसानिया में तो दुर्जनपुर स्कूल में कानूनगो प्रथम, 22 को सचिव मार्केट कमेटी उचाना भौंगरा एवं कानूनगो-2 मंगलपुर, 24 को सीडीपीओ खापड़ में, 25 को एसडीएम कन्या स्कूल बड़ौदा, बीईओ घोघड़ियां में, 26 को एएफएसओ कन्या स्कूल खटकड़, 27 को एसडीओ बीएेंडआर सुरबरा, 28 को सचिव नगर पालिका करसिंधु, 29 को तहसीलदार उचाना कसुहन, 2 मार्च को एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग धनखड़ी, 3 मार्च को एसडीओ कृषि विभाग बडनपुर, 4 मार्च को नागरिक अस्पताल एसएमओ घसो के राजकीय स्कूल में बच्चों के लिए बनाए गए मिड डे मील को बच्चों के साथ बैठकर खाएंगे।
किचन गार्डन स्कीम को सुदृढ़ करेंगे
एसडीएम ने कहा कि विद्यालयों के मुखिया किचन गार्डन स्कीम के तहत ताजी सब्जियों को मिड-डे मील में इस्तेमाल करें। जिन विद्यालयों में माली के पद भरे हैं वहां उन्हें किचन गार्डर तैयार करना होगा। जहां माली नहीं है वहां बच्चों को किचन गार्डन मानीटर नियुक्त करके बच्चों को सीखने की प्रेरणा देते हुए उनसे किचन गार्डन तैयार करवाएं। इसके लिए किस मौसम में कौन सी सब्जी उगाई जा सकती हैं, का चार्ट भी विद्यालय में लगवाना सुनिश्चित करें। मिड-डे मिल कुक अपनी निर्धारित पोशाक में रहें एवं अपना मेडिकल, साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस मौके पर बीईओ कल्याण चहल, एएफएसओ बबीता ढुल, डॉ. निकेता, मास्टर रामप्रसाद, वर्षा रानी, मनीषा मौजूद रहे।