अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
उन्हें सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने अपने चहेते अधिकारियों को बचाने का काम किया है। वहीं, बेगुनाह अधिकारियों को इस रिपोर्ट के आधार पर फंसाया जा रहा है। जाट समाज आंदोलन में अधिकारियों का खुलकर समर्थन करेगा। मलिक ने कहा कि जाट समुदाय के युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने के विरोध में पांच जून से पूरे देश में धरने शुरू किए जाएंगे। इस बार देश और प्रदेश की शांति भंग नहीं हो, इसके लिए शहरों से दूर धरने किए जाएंगे।
जाट धर्मशाला में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के नाम पर सरकार ने प्रदेश में जातिवाद का जहर घोलने का काम किया है। इसका लाभ कुछ शरारती तत्वों ने उठाया और आगजनी की घटनाएं की हैं। इसके पीछे सरकार के ही मंत्रियों का हाथ है। अब प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार चहेते अधिकारियों को बचाकर निर्दोष अधिकारियों को प्रताड़ित कर रही है। उपद्रव के दौरान जिन अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप जांच में लगाया गया है, वह बेबुनियाद है क्योंकि सरकार के आदेश के बिना कोई भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सकता। मलिक ने कहा कि आंदोलन की पूरी जानकारी सरकार को थी और अब अधिकारियों को प्रताड़ित करने का एक बहाना बनाया जा रहा है।
मलिक ने कहा कि जब जाट आरक्षण आंदोलन समाप्त हुआ तो सरकार की उनके साथ बैठक हुई थी। बैठक में सरकार ने इस आंदोलन में मारे गए युवकों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की बात कही थी। लेकिन सरकार ने अभी तक अपना वादा पूरा नहीं किया है।
देश भर में इस प्रकार होंगे धरने
यशपाल मलिक ने कहा कि 10 से 20 जून तक दिल्ली के लोग हरियाणा के लोगों के लिए बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। आठ से 30 जून तक राजस्थान, उत्तरप्रदेश और कई अन्य प्रदेशों में आंदोलन किया जाएगा। 11 जून से उत्तराखंड में और 19 जून से पहले मध्यप्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जेल में भी आंदोलन नहीं करने दे रही सरकार
यशपाल मलिक ने कहा कि रोहतक जेल में दिलावर नामक युवक ने भूख हड़ताल शुरू की थी, लेकिन सरकार ने उसकी जेल ही ट्रांसफर कर दी। उसे फरीदाबाद जेल में भेज दिया गया। सरकार यह सब लोगों का मनोबल तोड़ने के लिए कर रही है।