जींद। ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकाल के विरोध में बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे सरपंचों ने मंगलवार को फैसला किया कि अब धरना दिन-रात चलेगा। जो भी सरपंच और ब्लॉक समिति के सदस्य सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे वे वह 24 घंटे के लिए धरने पर डटे रहेंगे। अब तक सरपंच सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक ही धरना दे रहे थे।
भूख हड़ताल पर मंगलवर को अनिल मांडो खेड़ी, दीपक रूपगढ़, दिनेश भैरोखेड़ा, ब्लॉक समिति चेयरमैन राकेश और सुनील बैठे। जींद ब्लॉक के सभी 66 सरपंचों और 30 ब्लॉक समिति सदस्यों ने बैठक की। ब्लॉक समिति चेयरमैन राकेश, सरपंच एसोसिएशन की प्रधान प्रीति देवी मनोहरपुर, विनोद, अनिल मांडो, आजाद निर्जन ने बताया कि बैठक में फैसला हुआ है कि अब सरपंच 24 घंटों के लिए सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, उनका धरना और अनशन जारी रहेगा। प्रीति मनोहरपुर ने कहा कि पिछले डेढ़ माह से धरना और अब दो दिन से सरपंचों की भूख हड़ताल शुरू हो गई है, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता को नहीं छोड़ रही है। 9 मार्च को सीएम ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो 11 मार्च को जिले भर के सरपंच करनाल में सीएम आवास का घेराव करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों में कूच करेंगे। जींद और पंचकूला में सरपंचों पर लाठी चार्ज किया गया और करनाल में भी लाठीचार्ज होगा, तो वह पीछे नहीं हटेंगे। वह जन प्रतिनिधि हैं और गांव के लोगों ने उन्हें चुना है, इसलिए जब तक सरपंचों और ग्रामीणों को उनका हक नहीं मिल जाता तब तक वह रुकने वाले नहीं हैं।