संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नई शिक्षा नीति के तहत अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च मुकाम प्राप्त होने का अवसर मिलेगा। इस नीति के तहत विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर, वेबसाइट और रोबोटिक कार्टून बनाना सिखाया जाएगा। जिले में समग्र शिक्षा के तहत प्रथम चरण में 17 स्कूलों का चयन किया गया है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले जो विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी में अपना भविष्य बनाना चाहते थे, लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर होने के कारण वह आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। अब उन विद्यार्थियों के सपने साकार होंगे।
इसमें कक्षा छह से 11वीं कक्षा के विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े 20 कोर्सों की निशुल्क कोचिंग ले सकेंगे, ताकि 12वीं कक्षा से पास आउट होने के बाद वह सॉफ्टवेयर, वेबसाइट व रोबोटिक कार्टून खुद बनाकर रोजगार पा सकें। इसके लिए जिले के 17 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इनके पीजीटी कंप्यूटर साइंस विषय के शिक्षकों को दिल्ली की एक निजी कंपनी के एक्सपर्ट प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद यही शिक्षक ट्रेनर बनकर छात्रों को सिखाएंगे। इसमें दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया।
इन 17 स्कूलों का किया गया चयन
समग्र शिक्षा अभियान की ओर से विद्यार्थियों को साफ्टवेयर, वेबसाइट व रोबोटिक कार्टून बनाना सिखाया जाएगा। उसके लिए राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद, डिफेंस कालोनी स्थित माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नगूरां, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुलाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ईक्कस, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निडानी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झांझ कलां, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंडेला, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दनौदा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बडनपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जीतगढ़, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नरवाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खटकड़, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नगूरां व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उचाना मंडी स्कूल को शामिल किया गया है।
शिक्षा विभाग की अच्छी पहल
शिक्षा विभाग की यह अच्छी पहल है। विद्यार्थी निशुल्क यह सभी कोर्स सीखेंगे। अब सरकारी स्कूल के इन विद्यार्थियों को निजी केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आर्थिक रुप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए सरकार ने यह बेहतर योजना शुरू की है। जिले में इस योजना के तहत प्रथम चरण में 17 विद्यालयों का चयन किया गया है।
-सुरेंद्र ढुल एपीसी समग्र शिक्षा अभियान।