सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत अब महिला पहलवानों की लड़ाई लड़ेगी। दो जून को कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में उत्तर भारत की सभी खापों व तपों की महापंचायत होगी, जिसमें आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा इस महापंचायत में सरकार की तानाशाही नीतियों के खिलाफ भी आंदोलन चलाने पर मंथन किया जाएगा। यह घोषणा सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने मंगलवार को जींद में हुई सरपंचों की रैली में मंच से की।
सूबे सिंह समैण ने कहा कि सभी लोग अपनी-अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग आंदोलन कर रहे हैं। हमारी महिला पहलवान बेटियां, सरपंच, कर्मचारी, किसान, मनरेगा मजदूर अपने-अपने आंदोलन चलाए हुए हैं। इस प्रकार सरकार से अलग-अलग आंदोलन चलाकर जीतना मुश्किल है।
यदि सरकार को झुकाना है तो हमें एक होकर आंदोलन करना पड़ेगा। इसके लिए दो जून को कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में सर्वजातीय सर्वखाप की महापंचायत होगी। इस महापंचायत में लोकतंत्र को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से बेटियों को न्याय दिलाने का एजेंडा होगा।
इसके अलावा सरंपचों, मनरेगा मजदूरों, कर्मचारियों, किसानों व अन्य जो भी संगठन आंदोलन कर रहे हैं, सभी की मांगों के लिए साझा आंदोलन शुरू किया जाएगा। सूबे सिंह समैण ने कहा कि इसके लिए देश की सभी खापों व तपों को फोन करके निमंत्रण दिए जाने का काम बुधवार से ही शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज केंद्र व राज्य सरकार तानाशाही कर रही है।
आज सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सभी आंदोलनों को कुचला जा रहा है। इस तानाशाही सरकार से टकराना है तो सभी को एक होना होगा। सरकार आरोपी बृजभूषण शरण को बचाने के हर हथकंडे अपना रही है, इसके लिए देश की शान बेटियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है।