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कोरोना से डरने वाले नहीं, फिर करेंगे लोगों की सेवा

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पीजीआई रोहतक से कोरोना को मात देकर वापस लौटे चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह कोरोना से डरने वाले नहीं हैं। यदि उन्हें मौका मिला तो वे फिर से लोगों की सेवा करेंगे और अपनी ड्यूटी जिस निष्ठा व ईमानदारी से पहले की है, उसको और मजबूती से करेंगे। उन्होंने कहा कि खांसी, जुकाम और बुखार से बढ़कर कोरोना कुछ नहीं है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजेश का कहना है कि दिनभर आपस में बातचीत करके समय बीतता था। वह एक कमरे में तीन लोग रहते थे। किसी दूसरे में केवल वह अपने जींद के लोगों के पास ही जाती थी। कमरे में भी वह लोग एक साथ नहीं बैठते थे। उन सभी के बेड काफी दूर-दूर थे। फोन पर घरवालों से बातचीत होती रहती थी। इसके अलावा रिश्तेदारों से भी बातचीत होती थी। वह फोन पर अपने परिजनों से कहती थी कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यह कोरोना किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके अलावा वह फोन पर सभी को हौसला देती थी, जिससे उसका खुद का भी हौसला बढ़ता था।
इसी प्रकार से कमलेश का कहना है कि हालांकि कमरे में टीवी जैसी कोई सुविधा नहीं थी फिर भी फोन पर कभी भजन सुन लेते तो कभी कोई सीरियल देख लेते। इसके अलावा बाहर की सभी प्रकार की जानकारी से वह अपडेट रहती थी। दिन में दो-तीन बार नहा लेती थी। कभी खाने के लिए कुछ आ जाता तो कभी कुछ। इसी प्रकार उनका समय कट जाता। उन्हें पीजीआई में कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन फिर भी एक कमरे में बंद रहना मुश्किल लगता था पर वह खुद को एक कमरे में रखकर यह साबित कर रही थी कि यदि सावधानी बरती जाए तो कोरोना किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। प्रतिदिन उनके मास्क भी बदले जाते थे। खाने में उनको दाल, चावल, रोटी, दूध भी मिलता था। दिन में कभी-कभार फल मिलता था।
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योग भी बड़ा सहारा
राजेश का कहना है कि वह सुबह-शाम योग भी करती थी। योग भी शरीर को मजबूत बनाता है। योग करने से हड्डियां तथा मांसपेशियों के अलावा हर प्रकार से रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। वह पहले अकेली ही योग करती थी लेकिन उसने दूसरे लोगों को भी वहां पर रहकर योग करने की प्रेरणा दी। बाद में कई लोग पीजीआई में योग करने लगे।
14 दिन बाद अनुमति मिली तो करेंगे सेवा
कोरोना से जंग जीतकर लौटी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि फिलहाल उन्हें 14 दिन के लिए घर में ही क्वारंटीन रहना है। इसके बाद वह उच्च अधिकारियों से अपने काम पर लौटने की अनुमति मांगेंगी। यदि उच्च अधिकारियों से उन्हें काम पर लौटने की अनुमति मिली तो वह अपना कार्य शुरू करेंगी।
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