03जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल में खड़ी गाड़ियों पर चढ़े बंदर। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल को बंदरों से निजात नहीं मिल रही है। अस्पताल में बंदरों के आतंक से हर कोई परेशान है। अस्पताल की पुराने व नए भवन में हर समय बंदरों का झुंड रहता है। इसकी वजह से यहां आने वाले मरीजों को तो परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा अस्पताल स्टाफ व बीमार लोगों को तो हर समय यह डर लगा रहता है कि कहीं कोई बंदर काट न ले।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने कहा कि समाधान को लेकर नगर परिषद की बेरुखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में बंदरों के आतंक से निजात दिलवाने को लेकर जो पत्र भेजा गया था, उसका 29वीं बार रिमाइंडर भेजा गया लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने डीसी के नाम लिखे शिकायत पत्र में बताया कि अस्पताल में हर जगह बंदरों का झुंड नजर आता है और कई बार मरीजों को बंदर काट कर घायल भी कर चुके हैं। अस्पताल के कंप्यूटर रिकॉर्ड रूम तक में बंदर कई बार घुस चुके हैं और रिकॉर्ड को खराब कर चुके हैं। समस्या के समाधान को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया। उनकी मांग है कि अस्पताल से बंदरों को पकड़ कर बीड़ या किसी दूसरे स्थान पर छोड़ा जाए ताकि लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिल सके। वहीं मरीजों और तीमारदारों के लाए गए भोजन को बंदर बाइक आदि से निकाल कर ले जाते हैं, तो वहीं स्टाफ कर्मियों के बाइक, स्कूटी, गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
03जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल में खड़ी गाड़ियों पर चढ़े बंदर। संवाद