इस साल जिले में अभी तक का मौसम फसलों के अनुकूल चल है। अगर पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मई और जुलाई माह में जिले में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन जून व अगस्त में पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम बारिश हुई है। अब तक की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। यदि अब बारिश होती है तो यह फसलों के लिए काफी लाभदायक रहेगी। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अभी अगले माह बारिश की संभावनाएं नजर आ रही हैं। जिले में 65 हजार हेक्टेयर में कपास की फसल है और एक लाख 15 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगी है।
दोपहर बाद हुई बारिश से सुहाना हुआ मौसम
जिले में बुधवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। शहर में दोपहर बाद हुई बारिश ने मौसम सुहाना बना दिया। बारिश के बाद मौसम में ठंड बढ़ गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बरसात से शहर की सड़कों पर भी पानी भर गया। वहीं बारिश के बाद किसानों को भी काफी राहत मिली। बुधवार को हुई बारिश से फसलों को काफी फायदा होगा। यह बारिश फसलों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगी
2010 2011 2012 2013 2014 2015 2016
महीना वर्षा वर्षा वर्षा वर्षा वर्षा वर्षा वर्षा वर्षा
जनवरी 7.5 0.5 9.5 31 11 07 00 00
फरवरी 6.6 30.5 00 91 08 06 1.5
मार्च 05 07 00 06 39 75 19. 03
अप्रैल 02 4.6 05 06 02 50 00 00
मई 06 16.5 00 00 49 08 51
जून 42.8 109 00 69.7 06 82 40.16
जुलाई 211.5 69 50 112 61 105.5 143
अगस्त 110 90.5 140.5 177.5 42 92.2 36.66
सितंबर 154 107.5 38.5 04 06 20
अक्तूबर 00 00 01 02 10 04
नवंबर 01 00 04 00 00 5.5
दिसंबर 15.5 00 04 00 3.3 00
फसलों को अभी और बारिश की है जरूरत
इस बार अभी तक मौसम फसलों के अनुकूल है। कपास व धान की फसल में अभी तक कोई नुकसान नहीं है। फसलों को अभी बारिश की और जरूरत है। यदि अब बारिश होती है तो यह फसलों के लिए काफी लाभदायक होगी और इसे उत्पादन भी बढ़ेगा।
- डॉ. सुरेंद्र मलिक
जिला कृषि उप-निदेशक, जींद
कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश में इस बार मानसून अच्छा रहा है। अभी तक फसलों में किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। अभी मौसम में 28 अगस्त तक बूंदाबांदी की संभावनाएं हैं। इससे फसलों को और अधिक फायदा होगा।
- डॉ. मदन खिचड़, मौसम विशेषज्ञ
कृषि विश्वविद्यालय, हिसार