फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जॉगिंग नहीं, डंपिंग साइट बने पार्क

Sun, 12 Feb 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
विज्ञापन
park - फोटो : jind
विज्ञापन
शहर में लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए पार्क देखरेख के अभाव में लोगों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। सुबह-शाम सैर सपाटे के लिए आने वाले लोगों को यहां जमा लावारिस पशुओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों की हालत तो पशुबाड़े से भी बदतर हो चली है। कहीं लाइटें नहीं हैं तो कहीं बच्चों-बुजुर्गों के लिए झूले और बैंच नहीं हैं। हुडा क्षेत्र के कुछ पार्कों को छोड़ दें तो अन्य पार्र्क बदहाल हैं। शनिवार को अमर उजाला टीम ने शहर के पार्कों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
विज्ञापन


शहर के अधिकतर पार्कों की फेंसिंग गायब हो चुकी है। पार्कों में बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले व बैठने के लिए लगाए गए बेंच भी टूट चुके हैं। गोहाना रोड स्थित ग्रीन बेल्ट की तो हालात बद से बदतर होती जा रही है। जो पार्क लोगों के घूमने व बच्चों के खेलने के लिए है, वहां लावारिस पशु घूमते नजर आए। अधिकतर पार्कों की चारदीवारी टूटी हुई है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन पार्कों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। पार्कों की सफाई नहीं की जाती। बारिश के दिनों में पार्क तालाब में तबदील हो जाते हैं।

हाउसिंग बोर्ड के पार्क से घास गायब
कहने को तो हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में करीब आधा दर्जन पार्क बनाए गए हैं, लेकिन ये सिर्फ चारदीवारी के अंदर खाली मैदान हैं। यहां घास तक नहीं है। किसी भी पार्क में झूलों की व्यवस्था नहीं है। वहीं बंद मार्केट के पास के पार्क में तो हर वक्त लावारिस पशु बैठे रहते हैं। इससे आसपास के लोगों को सुविधा मिलने की बजाय गंदगी मिल रही है। यही स्थिति शहर की सबसे पॉश कॉलोनी स्कीम नंबर पांच-छह और 19 की भी है। अर्बन इस्टेट में कई पार्क ठीक हालत में हैं, लेकिन अधिकतर पार्कों में कोई सुविधा नहीं है।
विज्ञापन


काफी खराब है पार्कों की हालात
पार्कों की हालात काफी खराब है। पार्कों में सफाई नहीं हो रही है। अधिकतर पार्कों की हालात इतनी खराब है कि वहां पर कोई भी वहां घूम नहीं सकता। 
- विशाल, अर्बन इस्टेट निवासी

पार्कों में घुस जाते हैं पशु 
यहां एसएसपी की कोठी के सामने पार्क में रोज सुबह घूमने के लिए आते हैं। यहां कई बार तो पशु घूमते नजर आते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। कई बार बुजुर्ग महिलाएं पशुओं का शिकार भी बन चुकी हैं।
- शकील, अर्बन इस्टेट निवासी

ग्रीन बेल्ट का बुरा हाल
शहर की अधिकतर ग्रीन बेल्ट काफी खराब है। प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा, जिससे काफी परेशानी हो रही। यहां पाइप लाइन दबाने के लिए करीब छह महीने पहले खुदाई हुई थी, तब से ऐसे ही पड़ी है।
- संतोष 

प्रशासन नहीं कर रहा देखभाल
यहां पार्कों की प्रशासन की ओर से कोई देखभाल नहीं की जाती। पार्कों की घास भी गायब है। झूलों की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में डीसी कॉलोनी के पार्क में जाना पड़ता है।
- सावित्री, हाउसिंग बोर्ड निवासी
 
पार्कों  की टूटी चारदीवारी
पार्कों की चारदीवारी टूटी हुई है। इससे पार्क पशु का अड्ड बनते जा रहे है। पार्कों में कोई सफाई कर्मी नहीं आता। इससे पार्क काफी गंदे रहते हैं। इससे काफी दिक्कत है। 
- रणबीर सिंह, हाउसिंग बोर्ड निवासी

प्रशासन लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है। पार्कों की स्थिति के बारे में अधिकारियों से बात की जाएगी। ऐसा है तो पार्कों की स्थिति जल्द से जल्द सुधारी जाएगी। लोगों को बेहतर व्यवस्था मिलेगी।
विज्ञापन

- विनय सिंह, डीसी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें